
चेन्नई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT-M) की पहल IIT-M प्रवर्तक और स्वयं प्लस ने मिलकर मल्टी-क्लाउड सुरक्षा कार्यक्रम लॉन्च किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तेजी से बढ़ते डिजिटल वातावरण में क्लाउड सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेषज्ञों और छात्रों को तैयार करना है।
आज के समय में अधिकतर संस्थान अपने डेटा और सेवाओं को क्लाउड प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर रहे हैं। ऐसे में साइबर हमलों, डेटा चोरी और सुरक्षा खतरों से बचाव के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह नया कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इस मल्टी-क्लाउड सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अलग-अलग क्लाउड प्लेटफॉर्म, सुरक्षा तकनीकों, डेटा संरक्षण, खतरे की पहचान और साइबर सुरक्षा प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में आधुनिक सुरक्षा उपायों और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
IIT-M प्रवर्तक का कहना है कि डिजिटल बदलाव के दौर में सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी हो गया है। इस पहल से उद्योगों, छात्रों और आईटी पेशेवरों को नई तकनीकों को समझने और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
स्वयं प्लस ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने के लिए जाना जाता है। इस कार्यक्रम के जरिए देशभर के शिक्षार्थियों को अत्याधुनिक क्लाउड सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, मल्टी-क्लाउड वातावरण में सुरक्षा बनाए रखना बड़ी चुनौती है क्योंकि कंपनियां एक से अधिक क्लाउड सेवाओं का उपयोग कर रही हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम भविष्य के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
IIT मद्रास की यह पहल भारत में साइबर सुरक्षा कौशल को बढ़ावा देने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





