
चेन्नई: IIT-M के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब, 'IIT-M प्रवर्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन' ने भारत की सशस्त्र सेनाओं के लिए स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समाधान विकसित करने के लिए 'मेधास्त्र टेकसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड' के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान और फील्ड-रेडी डिफेंस AI टेक्नोलॉजी के विकास पर केंद्रित होगी, जिसमें IIT-M की रिसर्च विशेषज्ञता और मेधास्त्र के डिफेंस एप्लीकेशन पर फोकस का लाभ उठाया जाएगा। इस सहयोग से फैकल्टी की भागीदारी, प्रयोगशाला तक पहुंच और छात्रों की भागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस MoU पर IIT-M के डायरेक्टर वी. कामाकोटी, IIT-M प्रवर्तक के CEO एम. जे. शंकर रमन और मेधास्त्र के चीफ एडवाइजर – डिफेंस, एयर वाइस मार्शल आर. गुरुहरी (रिटायर्ड) की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।
शंकर रमन ने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य स्वदेशी डिफेंस टेक्नोलॉजी को रिसर्च प्रयोगशालाओं से वास्तविक इस्तेमाल (डिप्लॉयमेंट) तक लाने की प्रक्रिया में तेज़ी लाना है, जिससे भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। मेधास्त्र के फाउंडर और CEO अभिनव वर्मा कलिदिंडी ने कहा कि यह साझेदारी भारत में डिज़ाइन और निर्मित स्वदेशी डिफेंस AI टेक्नोलॉजी के विकास में मदद करेगी।





