
Tamil Nadu तमिलनाडु: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद होटल उद्योग पर इसका सीधा असर दिखने लगा है। होटल मालिकों के संगठन ने घोषणा की है कि बढ़ी हुई लागत को देखते हुए होटलों के किराए और खाने-पीने की दरों में बढ़ोतरी की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति संबंधी कारणों के चलते शुक्रवार (1 मई) को कमर्शियल उपयोग वाले 19 किलोग्राम सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद इसकी कीमत बढ़कर लगभग 3,237 रुपये तक पहुंच गई। इस अचानक बढ़ोतरी से होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर लागत का दबाव काफी बढ़ गया है।
होटल मालिकों के संगठन ने तमिलनाडु में 5 मई से नई दरें लागू करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि बढ़ती इनपुट कॉस्ट को देखते हुए बिना मूल्य संशोधन के कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण अब होटल रूम टैरिफ और अन्य सेवाओं की कीमतों में बदलाव किया जाएगा।
नई प्रस्तावित दरों के अनुसार, 4 व्यक्तियों के लिए नॉन-एसी कमरे का किराया 6,500 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये किया जाएगा। वहीं 3 व्यक्तियों वाले कमरों का किराया 7,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये और 2 व्यक्तियों वाले कमरों का किराया 8,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की तैयारी है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि एसी कमरों और अतिरिक्त सुविधाओं के आधार पर कीमतों में और बदलाव संभव है।
होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि कमर्शियल एलपीजी, बिजली और अन्य संचालन लागत में लगातार वृद्धि के कारण छोटे और मध्यम होटल सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे होटल पहले ही कम मार्जिन पर काम कर रहे हैं, और अब अतिरिक्त बोझ उनके लिए चुनौती बन गया है।
इस फैसले का असर पर्यटकों और रोज़ाना होटल सेवाओं पर निर्भर लोगों पर भी पड़ सकता है। खासकर छात्र, कामकाजी लोग और बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए आवास और भोजन की लागत बढ़ने की आशंका है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आने वाले समय में गैस और अन्य ईंधन की कीमतों में स्थिरता नहीं आई, तो होटल सेवाओं की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।





