तमिलनाडू

हाईकोर्ट ने पुलिस को दिए रिहाई के निर्देश

Ratna Netam
4 Aug 2026 2:41 PM IST
हाईकोर्ट ने पुलिस को दिए रिहाई के निर्देश
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तमिलनाडु : राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब मद्रास हाईकोर्ट ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को बड़ी राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया जाए। अदालत ने तमिलनाडु पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया कि उदयनिधि को स्टेशन बेल प्रदान की जाए और पूछताछ के बाद हिरासत में न रखा जाए। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और डीएमके कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय की जीत बताया है।

उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय और एक लोकप्रिय तमिल अभिनेत्री के संबंधों को लेकर विवादित और द्विअर्थी टिप्पणी की थी। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और विपक्षी दलों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई।

मामला तीन अगस्त को आयोजित उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसे कावेरी जल विवाद को लेकर डीएमके के किसान संगठन ने आयोजित किया था। आरोपों के अनुसार, सभा के दौरान भीड़ के एक वर्ग ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लिया, जिसके बाद उदयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में अभिनेत्री के संदर्भ में कथित रूप से आपत्तिजनक और द्विअर्थी टिप्पणी की। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी।

इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद डीएमके ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए और महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

टीवीके ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली पार्टी ने राष्ट्रीय महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक मंच से महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है।

उधर, उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद राज्य के कई जिलों में डीएमके कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पार्टी समर्थकों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए प्रदर्शन किए और आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है। कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की खबरें भी सामने आईं, हालांकि स्थिति बाद में नियंत्रण में रही।

मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी करना पुलिस का अधिकार है, लेकिन पूछताछ के बाद कानून के अनुसार आरोपी को राहत मिलनी चाहिए। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि पूछताछ समाप्त होने के बाद उदयनिधि स्टालिन को स्टेशन बेल पर रिहा किया जाए। इस आदेश के बाद फिलहाल उनकी तत्काल हिरासत का रास्ता साफ नहीं रहा, हालांकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु की राजनीति पहले से ही कई मुद्दों को लेकर गर्म है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में डीएमके और टीवीके के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। वहीं, महिला संगठनों और विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। यदि जांच में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो मामला आगे बढ़ सकता है। दूसरी ओर, हाईकोर्ट के अंतरिम राहत वाले आदेश ने उदयनिधि स्टालिन को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत जरूर दी है, लेकिन विवादित बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस अभी थमती नजर नहीं आ रही है।

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