
Tamil Nadu तमिलनाडु: मौसम विभाग ने शनिवार को चेतावनी जारी की है कि रविवार और सोमवार (5 और 6 अप्रैल) को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के मराठवाड़ा से लेकर अंदरूनी कर्नाटक होते हुए दक्षिण तमिलनाडु तक एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
प्रेस रिलीज़ के अनुसार, रविवार से 11 अप्रैल तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ क्षेत्रों में गरज और बिजली के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से कोयंबटूर, नीलगिरी, इरोड और थेनी जिलों में रविवार को भारी बारिश की आशंका जताई गई है। वहीं, विरुधुनगर, मदुरै और शिवगंगा जिलों में सोमवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
चेन्नई और पुडुचेरी में रविवार को एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से चेतावनी दी है कि वे बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें और नदी-नाले या जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। विभाग ने नागरिकों और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि वे बारिश और तेज हवा के दौरान सुरक्षा के उपाय अपनाएं।
तापमान की स्थिति के बारे में मौसम विभाग ने बताया कि तमिलनाडु में 5 अप्रैल से 7 अप्रैल तक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इस दौरान कुछ जिलों में उमस और गर्मी बनी रहेगी। विभाग ने कहा कि तापमान और बारिश के कारण मौसम अस्थिर रहेगा, इसलिए लोग अपने दिनचर्या में समायोजन करें और मौसम के अनुसार तैयार रहें।
विशेषकर, कोयंबटूर, नीलगिरी और इरोड जिलों में भारी बारिश के कारण लोगों और किसानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। वहीं, थेनी और विरुधुनगर जिलों में भी जलभराव की संभावना के कारण अधिकारियों से आवश्यक तैयारी की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने यह भी कहा कि कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे तमिलनाडु और पुडुचेरी की तरफ बढ़ रहा है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बारिश के दौरान अपने वाहन और संपत्ति की सुरक्षा पर ध्यान दें और सड़क मार्गों पर यात्रा करते समय सतर्क रहें।
चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं को भी तैयार रहने की हिदायत दी गई है, ताकि बारिश और जलभराव के दौरान किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी जिला स्तर पर अलर्ट जारी किया है और राहत कार्यों के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।





