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'स्तन पकड़ना और पैंट खींचना बलात्कार का प्रयास नहीं है': Allahabad HC

Uttar Pradeshउत्तर प्रदेश: इलाहाबाद कोर्ट ने एक अहम फैसला देते हुए कहा है कि पीड़िता के स्तनों को पकड़ना, उसके पायजामे की डोरी या पैंट को खींचना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं माना जाता है।
इलाहाबाद कोर्ट ने बलात्कार के प्रयास से जुड़े एक मामले में यह अहम फैसला देते हुए कहा है कि पीड़िता के स्तनों को पकड़ना, उसके पायजामे की डोरी या पैंट को खींचना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं माना जाता है, बल्कि यह गंभीर यौन उत्पीड़न है।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाला थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की बेंच ने कहा कि पीड़िता के स्तनों को पकड़ना, उसके पायजामे की डोरी को काटना और उसे खींचने की कोशिश करना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं माना जाता है। यह गंभीर यौन उत्पीड़न है।आरोपियों पर पहले आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और पॉक्सो एक्ट की धारा 18 (अपराध करने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोपों में संशोधन किया है और आरोपों को नए नजरिए से देखा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि इस मामले में बलात्कार के प्रयास का आरोप नहीं बनता। जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की पीठ ने कहा कि आरोपियों पर लगाए गए आरोपों और मामले के तथ्यों के आधार पर यह साबित नहीं किया जा सकता कि बलात्कार का प्रयास किया गया था। इसके लिए अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि आरोपियों की हरकतें अपराध करने की तैयारी से परे थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बलात्कार के प्रयास और अपराध करने की तैयारी के बीच के अंतर को ठीक से समझा जाना चाहिए।





