तमिलनाडू

पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने DMK सरकार पर बारिश से हुई क्षति में लापरवाही का आरोप लगाया

SHIDDHANT
4 Dec 2025 12:01 AM IST
पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम ने DMK सरकार पर बारिश से हुई क्षति में लापरवाही का आरोप लगाया
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Chennai चेन्नई: पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने राज्य में बारिश से हुई नुकसान की घटनाओं पर DMK सरकार की नाकामी और लापरवाही को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जे. जयललिता के शासनकाल में, जब भी भारी बारिश से सड़कें, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त होते थे, मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाता था और प्रभावित लोगों को तेजी से राहत प्रदान की जाती थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वर्तमान DMK सरकार में यह त्वरित कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। क्षतिग्रस्त इलाकों में मरम्मत में देरी हो रही है और प्रभावित जनता को राहत मिलने में समय लग रहा है। यह व्यवहार जनता के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।”
पन्नीरसेल्वम ने यह भी कहा कि बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर मरम्मत और राहत कार्य न होना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में कमी को दिखाता है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के शासनकाल के आपदा प्रबंधन कार्यों की तुलना वर्तमान सरकार से करते हुए कहा कि तब सरकार की प्रतिक्रिया त्वरित और संगठित थी। पूर्व सीएम ने जोर देकर कहा कि सड़कों, पुलों और अन्य नागरिक सुविधाओं की मरम्मत में तेजी लाना आवश्यक है, ताकि जनता को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उनका कहना था कि प्रभावित इलाकों में आपातकालीन राहत केंद्र और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जाने चाहिए, ताकि बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न समस्याओं का समाधान हो सके।
उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि जनता की सुरक्षा और राहत राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संकट के समय देरी और असंवेदनशील रवैया जनता के विश्वास को कमजोर करता है और प्रशासनिक दक्षता पर सवाल खड़ा करता है। ओ. पन्नीरसेल्वम ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार को पूर्वानुमान और सतर्कता योजनाओं के जरिए बारिश और बाढ़ से निपटने के लिए सख्त तैयारियों के साथ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रभावित नागरिकों को जल्द राहत और सहायता मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में DMK सरकार की आलोचना तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जनता के हितों की रक्षा और समय पर राहत कार्य सुनिश्चित करना सरकार की मुख्य जिम्मेदारी है। इस मामले में जनता की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सरकारी त्वरित कार्रवाई और राहत कार्य सीधे नागरिकों के जीवन और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करते हैं। राज्य में आने वाली मौसमी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, सरकार के आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत कार्यों पर निगरानी बढ़ाना जरूरी हो गया है।
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