तमिलनाडू

पूर्व AIADMK मंत्री पी. बेंजामिन DMK में शामिल, कई पदाधिकारी भी साथ आए

Kavita2
11 Jun 2026 11:23 AM IST
पूर्व AIADMK मंत्री पी. बेंजामिन DMK में शामिल, कई पदाधिकारी भी साथ आए
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीतिक हलचल में बुधवार को बड़ा मोड़ आया, जब AIADMK के पूर्व मंत्री पी. बेंजामिन ने DMK में प्रवेश किया। इस अवसर पर DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की मौजूदगी में बेंजामिन ने पार्टी की सदस्यता ली। उनके साथ तिरुवल्लुर सेंट्रल पार्टी डिस्ट्रिक्ट महिला विंग की सेक्रेटरी यामिनी इलयाराजा, तिरुवल्लुर डिस्ट्रिक्ट स्टूडेंट विंग के सेक्रेटरी दिनेश और कई अन्य पदाधिकारी भी DMK में शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में DMK के वरिष्ठ नेताओं टी.आर. बालू, ए. राजा और आर.एस. भारती भी उपस्थित रहे। पार्टी में शामिल होने के बाद बेंजामिन ने राजनीतिक संवाददाताओं से कहा कि वह अब पार्टी के विकास और लोगों की सेवा में पूरी तरह जुट जाएंगे। उन्होंने कहा कि DMK में शामिल होकर उन्हें अधिक व्यापक स्तर पर जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करने का अवसर मिलेगा।

पी. बेंजामिन चेन्नई कॉर्पोरेशन के पूर्व डिप्टी मेयर रह चुके हैं और उन्होंने AIADMK में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता और वर्तमान पार्टी प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी की कैबिनेट का हिस्सा रह चुके हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि बेंजामिन का DMK में शामिल होना राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत है और आगामी चुनावों पर इसका असर पड़ सकता है।

AIADMK में हाल ही में कुछ विधायकों की बगावत और उनके TVK सरकार के पक्ष में मतदान करने की घटनाओं के बाद पार्टी के भीतर तनाव देखा गया है। इस स्थिति के बीच बेंजामिन का DMK में शामिल होना पार्टी के लिए एक चुनौती और अवसर दोनों है। DMK के वरिष्ठ नेताओं ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि बेंजामिन जैसे अनुभवशील नेताओं का जुड़ना पार्टी को और मजबूती देगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि बेंजामिन के DMK में आने से तिरुवल्लुर जैसे संवेदनशील जिलों में राजनीतिक संतुलन बदल सकता है। उनके अनुभव और क्षेत्रीय पहचान पार्टी के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। इसके साथ ही महिला और छात्र विंग के पदाधिकारियों के शामिल होने से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तमिलनाडु में आगामी चुनावों से पहले यह कदम DMK की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने दल में शामिल कर सत्ता की पकड़ मजबूत करना शामिल है। बेंजामिन ने अपने भाषण में जनता की सेवा और विकास के मुद्दों को प्रमुखता दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनका फोकस केवल राजनीतिक समीकरणों तक सीमित नहीं है।

इस राजनीतिक बदलाव ने तमिलनाडु की सियासत में एक नई ऊर्जा और हलचल पैदा कर दी है। पार्टी और जनता दोनों ही इस कदम की दिशा और परिणामों पर नजर रख रहे हैं। बेंजामिन के DMK में शामिल होने के बाद पार्टी नेतृत्व ने उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का पूरा उपयोग करने की योजना बनाई है।

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