
Tamil Nadu तमिलनाडु: सरकार ने वन विभाग की सुरक्षा और गश्त क्षमता को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वन मंत्री R.V. Ranjit Kumar ने बुधवार को तमिलनाडु फॉरेस्ट फोर्स को 250 आधुनिक हथियारों की डिलीवरी को हरी झंडी दिखाई और साथ ही 54 नई पेट्रोल गाड़ियों का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम चेन्नई के गुइंडी स्थित नेशनल चिल्ड्रन पार्क में आयोजित किया गया, जहां वन विभाग की ओर से विशेष समारोह रखा गया था।
यह पहल तमिलनाडु फॉरेस्ट फोर्स मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य वन सुरक्षा बलों को आधुनिक संसाधनों से लैस करना और जमीनी स्तर पर उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इस अवसर पर वन मंत्री ने फॉरेस्ट फोर्स को कुल 250 आधुनिक हथियार सौंपे, जिनमें 204-12 बोर पंप एक्शन राइफल और 46-9 mm ऑटोमैटिक पिस्टल शामिल हैं।
कार्यक्रम में अधिकारियों और वन विभाग के कर्मचारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। यह हथियार विशेष रूप से उन क्षेत्रों में उपयोग के लिए दिए गए हैं जहां वन्यजीव संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर निगरानी की जरूरत अधिक होती है। विभाग का मानना है कि इन आधुनिक हथियारों से वन कर्मियों की सुरक्षा और प्रभावशीलता दोनों में सुधार होगा।
इसके अलावा कार्यक्रम में 54 नई पेट्रोल गाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाई गई। इन वाहनों की कुल लागत लगभग 3.91 करोड़ रुपये बताई गई है। इन गाड़ियों को वन विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स के उपयोग के लिए दिया गया है, ताकि वे जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों में बेहतर तरीके से गश्त कर सकें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह वाहन और हथियार वन सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लंबे समय से वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, शिकार और अन्य गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए आधुनिक संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस नई व्यवस्था से गश्त प्रणाली और निगरानी क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।
मंत्री आर.वी. रंजीतकुमार ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार वन कर्मियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि वन विभाग के फ्रंटलाइन स्टाफ को बेहतर उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और संसाधनों के उपयोग से वन संरक्षण कार्य और अधिक प्रभावी हो सकेगा।
वन विभाग की ओर से बताया गया कि मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट के तहत आगे भी कई चरणों में उपकरणों और वाहनों का अपग्रेडेशन किया जाएगा। इसका उद्देश्य वन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम को वन विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से विभाग में आधुनिक उपकरणों की कमी महसूस की जा रही थी। नई हथियार प्रणाली और वाहनों के शामिल होने से अब वन बल अधिक सशक्त और तकनीकी रूप से सक्षम होगा।
वन्यजीव संरक्षण और जंगलों की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता से न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि आपात स्थितियों में भी त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
फिलहाल राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में वन विभाग के और भी हिस्सों में तकनीकी सुधार और संसाधन बढ़ाने की योजना पर काम किया जाएगा। इस पहल को राज्य के वन संरक्षण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।





