तमिलनाडू

धारापुरम उपचुनाव में विजय का DMK पर वार बोले सत्ता सेवा के लिए

Ratna Netam
30 Sept 2026 6:53 PM IST
धारापुरम उपचुनाव में विजय का DMK पर वार बोले  सत्ता सेवा के लिए
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धारापुरम। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान विपक्षी DMK पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राजनीति में लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से आई है, न कि किसी तरह की “राजशाही” या पारिवारिक शासन को आगे बढ़ाने के लिए। विजय TVK उम्मीदवार पी. सत्यभामा के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। धारापुरम सीट पर मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
सभा में विजय ने 2026 के विधानसभा चुनाव के जनादेश का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव के पक्ष में फैसला दिया था। मई 2026 के विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि DMK को 59 सीटें मिली थीं। इसके बाद सहयोगी दलों के समर्थन से TVK के नेतृत्व में सरकार बनी और विजय मुख्यमंत्री बने।
विजय ने अपने भाषण में पूर्व सत्तारूढ़ DMK नेतृत्व को निशाने पर रखते हुए कहा कि कुछ लोग अभी भी 2026 के चुनावी नतीजों को स्वीकार नहीं कर पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं का व्यवहार ऐसा है जैसे सत्ता अब भी उनके परिवार के हाथ में हो। यह विजय का राजनीतिक आरोप था, जिसे उन्होंने DMK की कथित वंशवादी राजनीति की आलोचना से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि TVK को लोगों ने सरकार चलाने का मौका इसलिए दिया है ताकि वह जनता की समस्याओं को हल करे और प्रशासन को उनके करीब ले जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री या सरकार का काम जनता पर अधिकार जताना नहीं, बल्कि उनकी सेवा करना है। कुछ दिन पहले मदुरांतकम उपचुनाव प्रचार के दौरान भी विजय ने कहा था कि मुख्यमंत्री को “जनता का सेवक” बनकर काम करना चाहिए, न कि मालिक की तरह।
धारापुरम की सभा में विजय ने अपने पुराने राजनीतिक रुख को भी आगे बढ़ाया। वह पहले भी DMK पर वंशवादी राजनीति और “राजशाही” जैसी कार्यशैली का आरोप लगाते रहे हैं। मार्च 2025 में TVK की सामान्य परिषद की बैठक में उन्होंने कहा था कि राजनीति का उद्देश्य किसी एक परिवार को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि सभी परिवारों की प्रगति सुनिश्चित करना होना चाहिए। DMK ने पहले ऐसे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया है।
धारापुरम उपचुनाव फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति का महत्वपूर्ण मुकाबला बन गया है। TVK ने पी. सत्यभामा को अपना उम्मीदवार बनाया है। वह 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK के टिकट पर धारापुरम से निर्वाचित हुई थीं, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर TVK में शामिल हो गईं। इसी वजह से यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी।
TVK इस उपचुनाव को अपनी सरकार के शुरुआती महीनों के कामकाज पर जनता की प्रतिक्रिया के रूप में पेश कर रही है। दूसरी ओर AIADMK और DMK दोनों सत्तारूढ़ दल की नीतियों और प्रशासन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान विकास, किसानों की समस्याएं, पेयजल, कानून व्यवस्था और सरकारी योजनाएं प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आए हैं।
विजय ने सभा में कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में लोगों ने TVK को समर्थन देकर एक नई राजनीतिक व्यवस्था के पक्ष में फैसला दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह जनादेश पारंपरिक राजनीतिक शैली से अलग प्रशासन और जनता की भागीदारी के लिए था। हालांकि विपक्षी दल TVK सरकार के दावों से सहमत नहीं हैं और लगातार उसके कामकाज की आलोचना कर रहे हैं।
धारापुरम में इससे पहले AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने भी प्रचार किया और विजय सरकार को किसानों तथा स्थानीय समस्याओं के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई और पेयजल से जुड़े मुद्दों पर सरकार पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। TVK इन आरोपों को राजनीतिक बताकर अपने प्रशासनिक फैसलों और कल्याणकारी योजनाओं को सामने रख रही है।
बुधवार की सभा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए QR कोड आधारित पास की व्यवस्था की गई और करीब 5,000 लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई। कार्यक्रम के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे।
इस दौरान पूर्व AIADMK मंत्री एस. सेम्मलाई के TVK में शामिल होने से भी राजनीतिक हलचल तेज हुई। हाल के महीनों में कई नेता TVK में शामिल हुए हैं और पार्टी इसे अपने राजनीतिक विस्तार के तौर पर पेश कर रही है। दूसरी ओर विपक्ष इसे दल-बदल की राजनीति से जोड़कर देख रहा है।
धारापुरम और मदुरांतकम दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है। इन दोनों सीटों के नतीजों पर तमिलनाडु की राजनीति की नजर रहेगी, क्योंकि यह 2026 विधानसभा चुनाव के बाद सत्तारूढ़ TVK सरकार के सामने शुरुआती चुनावी परीक्षाओं में शामिल हैं।
विजय ने अपने भाषण के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार खुद को जनता के जनादेश से बनी व्यवस्था के रूप में देखती है। साथ ही उन्होंने DMK नेतृत्व पर पारिवारिक राजनीति का आरोप दोहराया। आने वाले दिनों में धारापुरम में प्रचार और तेज होने की संभावना है, जहां TVK, DMK और AIADMK अपनी-अपनी रणनीति के साथ मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं।
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