तमिलनाडू

नीलगिरी के चाय बागान में बाघ और तेंदुए का आमना-सामना, CCTV में कैद हुआ रोमांचक नजारा

Kavita2
8 July 2026 9:21 AM IST
नीलगिरी के चाय बागान में बाघ और तेंदुए का आमना-सामना, CCTV में कैद हुआ रोमांचक नजारा
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कोटागिरी: तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कोटागिरी क्षेत्र से वन्यजीवों की गतिविधियों का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी चाय बागान में छिपे तेंदुए का पीछा करते हुए एक बाघ दिखाई दिया। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने स्थानीय लोगों, किसानों और चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में नीलगिरी जिले के कोटागिरी और आसपास के जंगलों से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बढ़ी है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि भोजन और पानी की तलाश में कई वन्यजीव जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों और चाय बागानों तक पहुंच रहे हैं। इससे इंसानों और जंगली जानवरों के आमने-सामने आने की घटनाओं में भी वृद्धि देखी जा रही है।

इसी क्रम में कोटागिरी के निकट स्थित काटापेट्टू इलाके के एक निजी चाय बागान में एक तेंदुआ भोजन की तलाश में पहुंचा। बताया जा रहा है कि तेंदुआ बागान के भीतर झाड़ियों और पेड़ों के बीच छिपा हुआ था। इसी दौरान वहां एक बाघ भी पहुंच गया, जिसने तेंदुए की मौजूदगी का आभास होते ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों शिकारी जानवरों के बीच कुछ क्षणों तक रोमांचक घटनाक्रम देखने को मिला। बाघ को अपनी ओर तेजी से आते देख तेंदुए ने फुर्ती दिखाई और पलक झपकते ही पास के एक पेड़ पर चढ़ गया। पेड़ पर चढ़ने के कारण तेंदुआ बाघ की पहुंच से बाहर हो गया और इस तरह वह खुद को सुरक्षित बचाने में सफल रहा। कुछ देर तक बाघ पेड़ के आसपास मंडराता रहा और बाद में वहां से जंगल की ओर लौट गया।

यह पूरी घटना चाय बागान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज सामने आने के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में बाघ को तेंदुए का पीछा करते और तेंदुए को तेजी से पेड़ पर चढ़ते हुए देखा जा सकता है। वन्यजीव प्रेमियों के साथ-साथ आम लोग भी इस दुर्लभ दृश्य को लेकर काफी चर्चा कर रहे हैं।

हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति या जानवर के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन चाय बागान में एक साथ बाघ और तेंदुए की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के किसानों और बागान श्रमिकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से हाथी, गौर (भारतीय बाइसन), तेंदुए और अन्य जंगली जानवर अक्सर चाय बागानों और रिहायशी इलाकों में दिखाई दे रहे हैं। अब बाघ की मौजूदगी ने उनकी सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को सबसे अधिक खतरा रहता है। उन्होंने वन विभाग से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

वन विभाग के अधिकारियों ने भी घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि बाघ और तेंदुआ दोनों ही स्वाभाविक रूप से जंगल में रहने वाले वन्यजीव हैं, लेकिन भोजन और पानी की तलाश में कभी-कभी वे जंगल से बाहर निकल आते हैं। विभाग द्वारा आसपास के क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

वन विभाग ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि किसी जंगली जानवर की मौजूदगी दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित तरीके से स्थिति को संभाल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के आसपास मानव गतिविधियों में वृद्धि, प्राकृतिक आवास में बदलाव और भोजन की उपलब्धता में कमी जैसी परिस्थितियों के कारण वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक संरक्षण उपायों की आवश्यकता है।

फिलहाल कोटागिरी के काटापेट्टू क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के आमने-सामने आने का यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन और वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं।

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