
चेन्नई: ग्रेटर चेन्नई पुलिस (GCP) के पूर्व कमिश्नर ए. अरुण को सोमवार को एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) और डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) का डायरेक्टर नियुक्त किया गया। यह एक ऐसी पोस्टिंग है जिसने राजनीतिक गलियारों में पहले ही सबका ध्यान खींच लिया है, खासकर इसलिए क्योंकि सत्ताधारी TVK ने अपने चुनावी अभियान के दौरान उन पर कई आरोप लगाए थे।
राज्य सरकार ने महेश्वर दयाल को ADGP (प्रशासन), चेन्नई और टी.एस. अन्बू को ADGP (कानून और व्यवस्था), चेन्नई के पद पर भी तैनात किया है। गौरतलब है कि अरुण और दयाल को जो पद दिए गए हैं, वे खाली पड़े डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) रैंक के पदों से निचले दर्जे के हैं।
अरुण की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि TVK के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने तत्कालीन चेन्नई पुलिस कमिश्नर पर बार-बार पक्षपात करने और अनुमति न देकर तथा प्रशासनिक बाधाएं खड़ी करके पार्टी के चुनावी अभियान में रुकावट डालने का आरोप लगाया था। राजनीतिक गलियारों में उन्हें DMK के करीबी के तौर पर भी देखा जाता रहा है।





