तमिलनाडू

EPS का हमला, DMK पर तमिलनाडु में सीटें गंवाने का आरोप

Ratna Netam
18 April 2026 2:55 PM IST
EPS का हमला, DMK पर तमिलनाडु में सीटें गंवाने का आरोप
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Tamil Nadu.तमिलनाडु: Tamil Nadu की राजनीति में एक बार फिर सियासी तनाव बढ़ गया है, जहां विपक्ष के नेता Edappadi K. Palaniswami ने सत्तारूढ़ दल M. K. Stalin की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि राज्य में कई महत्वपूर्ण अवसरों को खो दिया गया है, जिसमें अतिरिक्त सांसद सीटों का मुद्दा और महिलाओं से जुड़े सामाजिक व राजनीतिक विषय शामिल हैं।
Edappadi K. Palaniswami ने आरोप लगाया कि M. K. Stalin
के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रही है, जिसके कारण तमिलनाडु को संसदीय स्तर पर संभावित अतिरिक्त सीटों का लाभ नहीं मिल पाया। उनका कहना था कि यह प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी असफलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। EPS के अनुसार, राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार नहीं हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर बदलाव दिखाई नहीं देता।
Tamil Nadu की राजनीति में यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न दल आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर सक्रिय हैं। EPS के इस हमले को विपक्षी राजनीति को मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है, खासकर तब जब राज्य में विकास और सामाजिक योजनाओं को लेकर बहस तेज है।
M. K. Stalin की पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अब तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयानबाज़ी आने वाले समय में और तेज हो सकती है।
महिला मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए Edappadi K. Palaniswami ने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है और इसके लिए ठोस नीति की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह केवल योजनाएं घोषित करने के बजाय उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दे।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तमिलनाडु में सत्ता और विपक्ष के बीच यह टकराव आगामी चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर सकता है। दोनों प्रमुख दल राज्य में अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार एक-दूसरे पर हमलावर रुख अपना रहे हैं।
फिलहाल, Tamil Nadu की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अतिरिक्त सांसद सीटों और महिलाओं के मुद्दे को लेकर उठे सवालों ने राज्य की राजनीतिक बहस को एक नया मोड़ दे दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाज़ी की संभावना जताई जा रही है।
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