
Chennai चेन्नई, 20 जून: चेन्नई में पेरुम्बक्कम के पास ₹2,000 करोड़ के एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को बड़ा झटका लगा है। तमिलनाडु राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) ने वेटलैंड (आर्द्रभूमि) संरक्षण से जुड़ी ज़रूरी शर्तों का पालन न करने का हवाला देते हुए इसकी पर्यावरण मंज़ूरी रद्द कर दी है।
ब्रिगेड एंटरप्राइजेज का यह प्रोजेक्ट, जिसमें पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील पल्लीकरनई मार्शलैंड (दलदली भूमि) के पास लगभग 1,400 हाउसिंग यूनिट बनाने का प्रस्ताव था, तब जांच के दायरे में आया जब आरोप लगे कि तमिलनाडु वेटलैंड अथॉरिटी से पहले मंज़ूरी लिए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। यह मंज़ूरी इस साल की शुरुआत में जारी मूल मंज़ूरी के साथ जुड़ी एक अहम शर्त थी।
अधिकारियों ने बताया कि कंपनी काम शुरू करने से पहले वेटलैंड अथॉरिटी की मंज़ूरी लेने की ज़रूरत को पूरा करने में नाकाम रही, जिसके चलते SEIAA ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत पर्यावरण मंज़ूरी वापस ले ली। यह फ़ैसला अधिकारियों के पहले के हस्तक्षेप और कानूनी चुनौतियों के बाद आया है, जिनकी वजह से निर्माण कार्य पहले ही रुक गया था।
पर्यावरण समूहों ने लंबे समय से इस इलाके में बड़े पैमाने पर विकास का विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मार्शलैंड बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण (groundwater recharge) और जैव विविधता संरक्षण में अहम भूमिका निभाता है। पल्लीकरनई इकोसिस्टम के कुछ हिस्सों को उनके पर्यावरणीय महत्व के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है। इस प्रोजेक्ट को मद्रास हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही सहित कई कानूनी और नियामक बाधाओं का सामना करना पड़ा है। डेवलपर ने इस फ़ैसले पर आपत्ति जताई है और कहा है कि सभी ज़रूरी मंज़ूरियां मौजूद थीं। खबरों के अनुसार, डेवलपर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और तर्क दिया है कि मंज़ूरी रद्द करने का फ़ैसला कानूनी रूप से सही नहीं है।





