तमिलनाडू

पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए ED ने मांगी अनुमति

Kavita2
24 May 2026 9:29 AM IST
पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए ED ने मांगी अनुमति
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु सरकार को एक पत्र भेजकर पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन के खिलाफ कथित अवैध मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच की अनुमति मांगी है। यह मामला थूथुकुडी जिले से जुड़ा हुआ है, जहां पहले से ही आय से अधिक संपत्ति के आरोपों में जांच चल रही है।

जानकारी के अनुसार, अनीता आर. राधाकृष्णन पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2001 से 2006 के बीच एआईएडीएमके सरकार में हाउसिंग मंत्री रहते हुए अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। वे थूथुकुडी जिले के डंडूपट्टू गांव के निवासी हैं। आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ पहले से ही भ्रष्टाचार निरोधक विभाग (एंटी करप्शन डिपार्टमेंट) द्वारा कार्रवाई की गई थी।

इस मामले में थूथुकुडी एंटी करप्शन विभाग ने कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें पूर्व मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन के अलावा उनकी पत्नी जयकांडी, उनके बेटे अनंत पद्मनाभन, अनंत रामकृष्णन और अनंत महेश्वरन, उनके भाई शनमुगनाथन तथा शिवानंदम का नाम शामिल है। इन सभी पर लगभग 4.90 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया था कि संबंधित अवधि के दौरान आरोपियों की घोषित आय और उनकी संपत्ति के बीच बड़ा अंतर पाया गया। इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने विस्तृत जांच शुरू की थी।

सूत्रों के अनुसार, एंटी करप्शन विभाग ने इस मामले की जांच के दौरान कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान कथित रूप से महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए थे, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू करने के लिए राज्य सरकार से औपचारिक अनुमति मांगी है। ईडी का कहना है कि चूंकि मामला पहले से ही भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच जरूरी है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मामले के सामने आने के बाद चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक पूर्व मंत्री या उनके परिवार की ओर से ईडी की इस कार्रवाई या आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार अनुमति देती है तो ईडी इस मामले में वित्तीय लेनदेन, संपत्ति के स्रोत और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की गहराई से जांच कर सकती है।

फिलहाल यह मामला राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, और आगे की कार्रवाई राज्य सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।

Next Story