
Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुमाला मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में मिलावटी घी सप्लाई करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने मंगलवार और बुधवार को तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एक निजी डेयरी कंपनी पर अचानक छापेमारी की है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के बीच की गई है।
यह मामला वर्ष 2024 में सामने आया था, जब आरोप लगे कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित तिरुमाला मंदिर में भक्तों को दिए जाने वाले लड्डू प्रसाद के निर्माण में मिलावटी घी का उपयोग किया गया। आरोपों के अनुसार, यह घी डिंडीगुल की A.R. डेयरी फूड्स नामक कंपनी द्वारा सप्लाई किया गया था।
मामला सामने आने के बाद इस पर गंभीर जांच शुरू की गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसके बाद केंद्रीय और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने भी डिंडीगुल स्थित A.R. डेयरी फूड्स कंपनी में विस्तृत जांच की।
जांच के दौरान यह सामने आया कि कंपनी द्वारा आपूर्ति किए गए घी में मिलावट की आशंका थी। रिपोर्ट में कहा गया कि घी के निर्माण में सोयाबीन तेल और मछली के तेल जैसे विभिन्न वनस्पति और अन्य तेलों का उपयोग किया गया था, जिससे इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे। इसके बाद तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम प्रशासन ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
ताजा घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले को आर्थिक और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जोड़ते हुए जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में ईडी की टीम ने डिंडीगुल में स्थित कंपनी के परिसर पर छापा मारा और दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने कंपनी के रिकॉर्ड, सप्लाई चेन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मिलावटी घी की सप्लाई कितने समय तक की गई और इससे होने वाले वित्तीय लेन-देन में किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा सप्लाई चेन में शामिल अन्य कंपनियों और व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है।
इस मामले ने धार्मिक और प्रशासनिक स्तर पर भी काफी हलचल पैदा की थी, क्योंकि तिरुमाला मंदिर का लड्डू प्रसाद करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। मिलावट के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सप्लाई करने वाली कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया था।
अब ईडी की ताजा कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि मामला केवल खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





