
चेन्नई: त्योहारों के मौसम को देखते हुए, चेन्नई जिला प्रशासन ने मिठाई और नमकीन बनाने वालों, खुदरा विक्रेताओं और आम जनता के लिए खाद्य सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को, कलेक्टर मालथी हेलेन ने निर्देश दिया कि मिठाई और नमकीन बनाने वाले सभी व्यवसायों के पास वैध लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाण पत्र होना चाहिए और इसे प्रदर्शित करना अनिवार्य है। यह नियम त्योहारों के मौसम में लगाई जाने वाली अस्थायी मिठाई की दुकानों, मैरिज हॉल और घर पर ऑर्डर लेकर स्नैक्स बनाने वाले लोगों पर भी लागू होता है।
कलेक्टर ने कहा कि पैक की गई मिठाइयों और नमकीन पर निर्माण की तारीख, एक्सपायरी तारीख, निर्माता का पता, खाद्य सुरक्षा पंजीकरण नंबर और शाकाहारी या मांसाहारी होने का निशान (सिंबल) होना चाहिए। खुदरा दुकानों पर, बिना पैक किए गए उत्पादों को रखने वाली ट्रे पर भी निर्माण और एक्सपायरी की तारीखें लिखी होनी चाहिए।
उन्होंने निर्माताओं को चेतावनी दी कि वे किसी भी तरह के अनधिकृत सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल न करें। केवल उन्हीं खाद्य रंगों का उपयोग किया जा सकता है जिन्हें अनुमति मिली है, और वह भी 100 ppm (पीपीएम) की निर्धारित सीमा के भीतर।
दूध से बनी मिठाइयां, जो जल्दी खराब हो जाती हैं, उन्हें अन्य मिठाइयों के साथ मिलाकर एक ही गिफ्ट बॉक्स में पैक नहीं किया जाना चाहिए।
निर्माताओं को स्नैक्स बनाने में इस्तेमाल किए गए तेल और घी के बारे में जानकारी देनी चाहिए। इस्तेमाल किए जा चुके तेल (used cooking oil) को सरकार की 'रीपरपज यूज्ड कुकिंग ऑयल' (RUCO) पहल के तहत अधिकृत एजेंसियों को दिया जा सकता है, जहाँ से इसे बायोडीजल में बदला जाएगा। इसके बदले में व्यवसायों को भुगतान भी मिल सकता है।
खाद्य पदार्थ बनाने वाली जगहों पर पीने के लिए सुरक्षित पानी का इस्तेमाल होना चाहिए और उनके पास पानी की गुणवत्ता की जांच का प्रमाण पत्र होना चाहिए। खाना बनाने या परोसने वाले कर्मचारियों को दस्ताने, सिर पर कवर (हेड कवर) और एप्रन पहनना चाहिए, और उनके पास वैध मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र होना चाहिए। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि कार्यस्थल पर साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए और वहां मक्खियां, कीड़े-मकोड़े या किसी तरह का सूक्ष्मजीव संक्रमण (microbial contamination) नहीं होना चाहिए।
कलेक्टर ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत खाद्य व्यवसायों से ही खरीदारी करें। खुले में रखे गए उत्पाद, जिन पर मक्खियां बैठ सकती हैं, या जिनमें बहुत अधिक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया गया हो, उन्हें खरीदने से बचें।
उन्होंने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कोई भी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग के व्हाट्सएप नंबर 9444042322, वेबसाइट foodsafety.tn.gov.in या 'TN फूड सेफ्टी कंज्यूमर ऐप' के जरिए दर्ज कराई जा सकती है।





