
Tamil Nadu तमिलनाडु: घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह नई दरें रविवार (7 जून) से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं पर घरेलू बजट का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में वृद्धि की गई है।
सरकारी तेल कंपनियों ने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिया है। वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी आने और आपूर्ति में असंतुलन के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां लागत दबाव का सामना कर रही हैं। इसी कारण घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में संशोधन किया गया है।
नई कीमतों के अनुसार चेन्नई में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 928.5 रुपये से बढ़कर 957.5 रुपये हो गई है। वहीं दिल्ली में इसकी कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये प्रति सिलेंडर कर दी गई है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं पर असर डालेगी, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया वृद्धि और भू-राजनीतिक तनावों के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और संभावित संघर्ष की स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को बाधित किया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। उस समय भी वैश्विक परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया गया था। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।
इसके अलावा, केवल घरेलू गैस ही नहीं, बल्कि अन्य ईंधन विकल्पों की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार कार और ऑटोमोबाइल में उपयोग होने वाली CNG गैस की कीमत में भी लगभग 6 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी रहने तक घरेलू स्तर पर ईंधन कीमतों में स्थिरता की उम्मीद कम है। आने वाले समय में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुधार नहीं होता है, तो उपभोक्ताओं को और अधिक कीमत वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार और तेल कंपनियों की ओर से कहा गया है कि कीमतों में यह संशोधन बाजार की परिस्थितियों और लागत संरचना के आधार पर किया गया है। हालांकि उपभोक्ता संगठनों ने इस बढ़ोतरी पर चिंता जताई है और आम जनता पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने के लिए उपायों की मांग की है।
कुल मिलाकर, 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई यह 29 रुपये की बढ़ोतरी घरेलू बजट पर सीधा असर डालने वाली है, और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट का असर अब भारतीय बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है।





