तमिलनाडू

DMK विधायक मार्कंडेयन ने सरकार पर लगाए आरोप

Ratna Netam
21 Sept 2026 5:15 PM IST
DMK विधायक मार्कंडेयन ने सरकार पर लगाए आरोप
x
विलाथिकुलम। तमिलनाडु के विलाथिकुलम से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के विधायक जी.वी. मार्कंडेयन ने राज्य सरकार पर जनहित से जुड़े कार्यों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की बुनियादी जरूरतों और कल्याणकारी कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है, जबकि मनोरंजन, दौरों और अन्य गतिविधियों को प्राथमिकता दी जा रही है।मार्कंडेयन ने रविवार को विलाथिकुलम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर मानसून की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक तो की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर जरूरी कदम अभी तक प्रभावी रूप से नहीं उठाए गए हैं।
मानसून तैयारियों पर उठाए सवाल
DMK विधायक ने कहा कि मानसून से पहले जल संसाधनों और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई सिंचाई टैंकों के स्लुइस गेट की मरम्मत नहीं की गई है और गांवों के जल निकायों में आई दरारों को भी ठीक नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान किसानों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जल संरचनाओं की खराब स्थिति से लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई।
पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता
विधायक मार्कंडेयन ने संयुक्त पेयजल योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि योजना के तहत लोगों की जरूरत के मुकाबले केवल 10 से 20 प्रतिशत तक ही पानी की आपूर्ति हो पा रही है।उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर किया जाए और लोगों को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराया जाए।
बिजली कटौती और कम वोल्टेज का मुद्दा उठाया
DMK विधायक ने क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें रखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।उन्होंने कहा कि कम वोल्टेज के चलते घरों में लगे बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने बिजली विभाग से इस समस्या के समाधान की मांग की।
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं पर जोर
मार्कंडेयन ने कहा कि सरकार को जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, बिजली और सिंचाई जैसी सुविधाएं सीधे लोगों के जीवन और रोजगार से जुड़ी होती हैं।उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जाएं, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।
सरकार से कार्रवाई की मांग
विधायक ने राज्य सरकार से मांग की कि जल निकायों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति में सुधार और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।
आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आना बाकी
जी.वी. मार्कंडेयन के आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था या योजना की स्थिति को लेकर अंतिम तस्वीर आधिकारिक आंकड़ों और विभागीय जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।तमिलनाडु में मानसून की तैयारियां, पेयजल व्यवस्था और ग्रामीण बुनियादी सुविधाएं समय-समय पर राजनीतिक बहस का विषय बनती रही हैं। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल अक्सर इन मुद्दों पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।फिलहाल DMK विधायक ने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है और जल्द समाधान की मांग की है। उनके उठाए गए मुद्दों में मानसून तैयारी, जल संसाधन, पेयजल आपूर्ति और बिजली व्यवस्था प्रमुख हैं।
Next Story