
चेन्नई: DMK ने मद्रास हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इसमें मंत्रियों CTR निर्मल कुमार और आधव अर्जुन को ऐसे मानहानिपूर्ण बयान देने से रोकने की मांग की गई है, जिनसे यह संकेत मिलता है कि DMK ने यौन उत्पीड़न मामले में वीरमणि के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
पार्टी महासचिव दुरई मुरुगन की ओर से दायर इस याचिका में दोनों मंत्रियों और सत्ताधारी TVK की IT विंग से 1.01 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि मंत्री मदुरंतकम और धारापुरम में होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक फायदा उठाने और सरकार की "विफलता को छिपाने" के मकसद से "बेबुनियाद और मानहानिपूर्ण बयान" दे रहे हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि शिकायत मिलने के एक दिन के भीतर, 7 अक्टूबर 2025 को FIR दर्ज की गई थी, जिससे पता चलता है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। इसमें कहा गया है कि तथ्य साफ तौर पर दिखाते हैं कि पुलिस विभाग ने कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की थी और वादी की तरफ से कोई देरी या दखल नहीं हुआ; जांच में वादी की कोई भूमिका या दखल नहीं था।





