
Tamil Nadu तमिलनाडु: विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बने विजय के राजनीतिक फैसले लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके हालिया कदमों ने न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री में भी व्यापक चर्चा छेड़ दी है।
हाल ही में 12 मई को मुख्यमंत्री विजय ने अपने निजी ज्योतिषी रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री कार्यालय में “ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (पॉलिटिकल)” के पद पर नियुक्त किया। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों के साथ-साथ कुछ सहयोगी दलों के नेताओं ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। विपक्ष का कहना है कि यह निर्णय “अवैज्ञानिक” और प्रशासनिक परंपराओं के खिलाफ है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की नियुक्ति से सरकार की कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। वहीं, सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
इसी बीच, मुख्यमंत्री विजय का एक और निर्णय चर्चा का विषय बन गया है, जिसे फिल्म इंडस्ट्री से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, विजय ने अभिनेता सूर्या और अभिनेत्री त्रिशा की आगामी फिल्म ‘करुप्पु’ की सुबह 9 बजे स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए अनुमति दी है। यह स्क्रीनिंग सामान्य समय से पहले आयोजित की जाएगी, जिसे इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण और सहयोगात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे राज्य सरकार की फिल्म जगत के प्रति सकारात्मक सोच के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की अनुमति से फिल्म प्रमोशन और रिलीज रणनीतियों में सुविधा मिलती है।
हालांकि, एक तरफ जहां फिल्म इंडस्ट्री में इस कदम की सराहना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ एस्ट्रोलॉजर की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार को प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
तमिलनाडु की राजनीति में विजय के ये दोनों फैसले—एक तरफ विवाद और दूसरी तरफ सराहना—एक साथ चर्चा का केंद्र बन गए हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में उनके फैसलों पर और अधिक नजर रखी जाएगी, क्योंकि ये राज्य की प्रशासनिक छवि और जनमत दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल, मुख्यमंत्री विजय की सरकार अपने शुरुआती फैसलों को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में उनके राजनीतिक और प्रशासनिक कदम किस दिशा में जाते हैं।





