
x
Tamil Nadu तमिलनाडु। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि एक डर-भय से भरा समाज लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल निर्भय समाज ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उनका कहना है कि यह निर्भयता केवल शारीरिक ताकत से नहीं आती, बल्कि इसके लिए आध्यात्मिक शक्ति की जरूरत होती है।
रक्षा मंत्री ने अपने बयान में भगवान शिव का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शिव में संरक्षण और विनाश दोनों का संतुलन है, वैसे ही हमारी सशस्त्र सेनाओं में भी निर्भयता और धैर्य का मिश्रण मौजूद है। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएँ संकट के समय मानवतावादी सहायता प्रदान करती हैं और उसी समय आवश्यक होने पर Operation Sindoor जैसी ऑपरेशनों को भी तीव्रता से अंजाम देती हैं।
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना न केवल राष्ट्र की रक्षा करती हैं, बल्कि संकट के समय जनता की मदद में भी आगे रहती हैं। उन्होंने कहा कि यह संतुलन सशस्त्र बलों को न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी मजबूत बनाता है।
उनके अनुसार, इस प्रकार की निर्भयता और धैर्य के साथ काम करना ही आज के युग में राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता की कुंजी है। उन्होंने आगे कहा कि यह दृष्टिकोण सशस्त्र बलों की तैयारी, राष्ट्र की रक्षा रणनीति और आपदा प्रबंधन के लिए भी महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी सैन्य अधिकारियों और आम जनता दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। उन्होंने सशस्त्र बलों की भूमिका को न केवल सैन्य बल्कि मानवतावादी दृष्टिकोण और आध्यात्मिक शक्ति के संदर्भ में भी उजागर किया।
Tagsरक्षा मंत्रीराजनाथ सिंहकोयंबटूरतमिलनाडुसशस्त्र बलनिर्भय समाजOperation Sindoorमानवतावादी सहायताभगवान शिवरक्षा नीतिधैर्यराष्ट्रीय सुरक्षाभारतीय सेनाभारतीय नौसेनाएयर कमांडआध्यात्मिक शक्तिजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





