तमिलनाडू

तिरुचिरापल्ली में हिरण की खाल और 77 किलो चंदन जब्त

Ratna Netam
24 Sept 2026 5:04 PM IST
तिरुचिरापल्ली में हिरण की खाल और 77 किलो चंदन जब्त
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तिरुचिरापल्ली। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले में वन्यजीव अपराध और चंदन की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। मंगलवार रात चलाए गए संयुक्त अभियान में अधिकारियों ने दो चित्तीदार हिरणों की खाल, 77.61 किलोग्राम चंदन की लकड़ियां और वन्यजीवों को पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य कथित आरोपी की तलाश की जा रही है।यह अभियान वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की दक्षिणी क्षेत्रीय इकाई, तमिलनाडु वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाई और मनप्पराई वन रेंज के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से चलाया। अधिकारियों को मनप्पराई क्षेत्र में हिरण की खाल की कथित बिक्री के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने जानकारी की पुष्टि करते हुए कार्रवाई की योजना बनाई।स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों को मनप्पराई के पास वलानाडु इलाके में थूंडी करुप्पन्नासामी मंदिर के आसपास हिरण की खाल बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर वन विभाग और वन्यजीव अपराध नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
ग्राहक बनकर पहुंचे वन अधिकारी
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि केरल का रहने वाला 62 वर्षीय रमेशन कथित तौर पर हिरण की खाल बेचने की कोशिश कर रहा था और वह मनप्पराई के पास मरुंगापुरी क्षेत्र के चोक्कमपट्टी में अपने परिचित पलानीसामी के यहां ठहरा हुआ था। इसके बाद वन अधिकारियों ने खरीदार बनकर उससे संपर्क किया।अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत के दौरान दो हिरण की खाल और शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के बारे में जानकारी सामने आई। इसके बाद रमेशन को गिरफ्तार कर लिया गया और सामग्री जब्त कर ली गई। बरामद वस्तुओं में वन्यजीवों को पकड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जाल भी शामिल बताए गए हैं।इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पलानीसामी के दुर्घटना में घायल होने और इलाज कराने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने उससे भी पूछताछ की।
सूचना के बाद मिला 77.61 किलो चंदन
पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर अधिकारियों की टीम कलिंगपट्टी पहुंची। यहां 43 वर्षीय अलगार के घर और आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली गई। अधिकारियों को वहां छिपाकर रखी गई चंदन की लकड़ियां मिलीं।वन विभाग ने कुल 14 चंदन की लकड़ियां बरामद कीं, जिनका वजन 77.61 किलोग्राम बताया गया है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार इनकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है। चंदन बरामद होने के बाद अलगार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।इस तरह पूरे अभियान में दो हिरण की खाल, शिकार से संबंधित उपकरण और 77.61 किलो चंदन जब्त किया गया। अधिकारियों ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
चार लोगों के खिलाफ मामला
वन विभाग ने मामले में कुल चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए रमेशन और अलगार के अलावा इलाज करा रहे पलानीसामी से पूछताछ की गई है। अधिकारियों ने करुमलैयानपट्टी निवासी 27 वर्षीय दुरईसामी को भी मामले में कथित रूप से शामिल बताया है और उसकी तलाश की जा रही है।फिलहाल जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हिरण की खाल कहां से लाई गई थी, जानवरों का शिकार कब और किस स्थान पर हुआ तथा बरामद चंदन का स्रोत क्या था। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि बरामद सामग्री किसी बड़े अवैध व्यापार नेटवर्क से जुड़ी है या नहीं।
अदालत में पेश किए गए आरोपी
गिरफ्तार किए गए रमेशन और अलगार को बुधवार सुबह मनप्पराई की संबंधित आपराधिक अदालत में पेश किया गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार अदालत में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।जांच अभी जारी है और वन विभाग अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी जुटा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता फरार बताए जा रहे व्यक्ति का पता लगाने के साथ बरामद हिरण की खाल और चंदन के स्रोत की पहचान करना है।
वन्यजीवों के शिकार की भी जांच
दो हिरण की खाल और शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिलने के कारण जांच का दायरा केवल कथित बिक्री तक सीमित नहीं है। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या संबंधित लोग सीधे वन्यजीवों के शिकार में शामिल थे या उन्होंने यह सामग्री किसी अन्य व्यक्ति से हासिल की थी।चित्तीदार हिरण भारतीय वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था के तहत संरक्षित वन्यजीव है। ऐसे वन्यजीवों का अवैध शिकार और उनसे जुड़े अंगों या उत्पादों का अनधिकृत व्यापार कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है। इसी तरह चंदन की कटाई, कब्जे, परिवहन और बिक्री पर भी राज्य के वन कानूनों तथा नियमों के तहत नियंत्रण लागू होता है।
संयुक्त टीम ने चलाया अभियान
इस कार्रवाई में केंद्रीय और राज्य स्तर की वन्यजीव अपराध नियंत्रण इकाइयों के साथ स्थानीय वन अधिकारियों की भागीदारी रही। सूचना मिलने के बाद टीमों ने समन्वय के साथ अभियान चलाया और पहले हिरण की खाल बरामद की। इसके बाद पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर चंदन की लकड़ियों तक पहुंचने का दावा किया गया है।फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एक अन्य कथित आरोपी की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हिरण की खाल और चंदन की बरामदगी के पीछे कोई संगठित नेटवर्क था या मामला स्थानीय स्तर की अवैध गतिविधि से जुड़ा था। वन विभाग ने बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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