
Tamil Nadu तमिलनाडु: त्रिची-तंजावुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय से बनी रोशनी की समस्या अब जल्द समाप्त होने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने त्रिची-पलपनई रोड सहित त्रिची-तंजावुर राष्ट्रीय राजमार्ग के महत्वपूर्ण हिस्सों में नई एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए लगभग 3.6 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का ठेका अंतिम रूप दे दिया है। इस फैसले से हजारों दैनिक यात्रियों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले कई महीनों से त्रिची-डेयरी रोड, जिसे तंजावुर नेशनल हाईवे के नाम से भी जाना जाता है, पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें नहीं होने और कई पुरानी लाइटों के खराब पड़े रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। रात के समय सड़क पर अंधेरा छा जाने से वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे।
सबसे अधिक समस्या ओल्ड डेयरी जंक्शन से तुवक्कुडी और राष्ट्रीय राजमार्ग तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे अप्रोच रोड पर देखने को मिल रही है। इस पूरे मार्ग पर 200 से अधिक स्ट्रीट लाइटें कई महीनों से बंद पड़ी हैं। परिणामस्वरूप रात के समय सड़क पूरी तरह अंधेरे में डूब जाती है, जिससे वाहन चालकों को रास्ता देखने में कठिनाई होती है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब रोशनी के कारण न केवल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है, बल्कि असामाजिक गतिविधियों और अपराध की घटनाओं का भी खतरा बढ़ जाता है। देर रात यात्रा करने वाले लोगों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एक्सेस रोड रेस्क्यू एसोसिएशन और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों ने संयुक्त रूप से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की।
इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी गंभीरता से उठाया गया। त्रिची के सांसद दुरई वाइको ने सड़क पर खराब प्रकाश व्यवस्था का मामला NHAI अधिकारियों के समक्ष प्रमुखता से रखा। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
सांसद दुरई वाइको और NHAI अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद परियोजना को गति मिली। अधिकारियों ने सड़क की मौजूदा स्थिति का आकलन किया और पूरे मार्ग पर आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाने का प्रस्ताव तैयार किया। अब इस परियोजना के लिए लगभग 3.6 करोड़ रुपये की लागत से ठेका अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार, नई एलईडी लाइटें लगाने से पूरे मार्ग पर बेहतर और समान रोशनी उपलब्ध होगी। एलईडी तकनीक बिजली की कम खपत करती है, अधिक समय तक चलती है और रखरखाव की लागत भी अपेक्षाकृत कम होती है। इससे भविष्य में बिजली की बचत के साथ-साथ रखरखाव संबंधी समस्याएं भी कम होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। अच्छी रोशनी मिलने से वाहन चालकों को सड़क, मोड़, डिवाइडर और अन्य वाहनों को स्पष्ट रूप से देखने में सुविधा होती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा रात के समय पैदल यात्रियों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा भी बेहतर होती है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सड़क पर अंधेरा होने के कारण रात के समय ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। नई स्ट्रीट लाइटें लगने से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों का आवागमन अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
क्षेत्र के नागरिकों ने NHAI के इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना का कार्य जल्द शुरू होगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का समाधान होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ठेका प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य कितनी जल्दी शुरू होता है और कब तक पूरी सड़क आधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइटों से जगमगा उठती है। यदि परियोजना समय पर पूरी होती है तो त्रिची-तंजावुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम हो जाएगी





