तमिलनाडू

CPM ने कावेरी प्रबंधन बैठक टालने की मांग की

Ratna Netam
27 April 2026 3:45 PM IST
CPM ने कावेरी प्रबंधन बैठक टालने की मांग की
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Tamil Nadu.तमिलनाडु: कावेरी नदी प्रबंधन को लेकर लगातार जारी विवाद के बीच, सीपीएम ने कावेरी मैनेजमेंट अथॉरिटी (Cauvery Management Authority – CMA) की आगामी बैठक को टालने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकारों के बीच जल वितरण और संबद्ध मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा और तैयारी के बिना यह बैठक आयोजित करना विवाद को और बढ़ा सकता है।
सीपीएम के वरिष्ठ नेता ने कहा कि बैठक का आयोजन अभी करना उचित नहीं है क्योंकि तमिलनाडु और कर्नाटक सरकारों के बीच अभी कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है। उनका दावा है कि बैठक जल्दबाजी में आयोजित होने से दोनों राज्यों के बीच जल विवाद और बढ़ सकता है और किसानों और आम जनता के हितों को नुकसान पहुंच सकता है।
सीपीएम ने यह भी सुझाव दिया कि पहले सभी संबंधित पक्षों के बीच वार्ता और समझौते सुनिश्चित किए जाएँ। उन्होंने कहा कि बैठक टालने से विवाद सुलझाने के लिए समय मिलेगा और समाधान अधिक स्थायी और संतुलित होगा। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर बैठक समय पर आयोजित होती है, तो यह राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कावेरी विवाद हमेशा संवेदनशील रहा है, और CMA की बैठक का उद्देश्य राज्यों के बीच जल वितरण के मसले को हल करना है। लेकिन राजनीतिक दबाव और आपसी मतभेद बैठक की प्रक्रिया को जटिल बना सकते हैं। सीपीएम का यह कदम विवादित जल प्रबंधन को लेकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश माना जा रहा है।
पार्टी ने मीडिया के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बैठक को टालना ही नहीं है, बल्कि सुनिश्चित करना है कि सभी पक्षों के हितों और जल सुरक्षा की दृष्टि से बैठक परिणामदायक और संतुलित हो। नेताओं ने कहा कि यदि बैठक को समय पर आयोजित किया गया, तो यह राजनीतिक रूप से अधिक विवाद पैदा कर सकता है और जनता में असंतोष बढ़ा सकता है।
कावेरी मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक पर सीपीएम की मांग से राज्यों के बीच वार्ता और दबाव में नई दिशा देखने को मिल सकती है। बैठक स्थगित करने या उचित तैयारी के बाद आयोजित करने की संभावना पर अब राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे।
इस बीच, विशेषज्ञों ने कहा कि कावेरी विवाद में समाधान के लिए सभी हितधारकों की सहभागिता और समयबद्ध योजना जरूरी है। यदि बैठक समय से पहले आयोजित होती है, तो विवादित मुद्दों पर असहमति और बढ़ सकती है।
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