तमिलनाडू

AI दुरुपयोग पर CPI नेता की कड़ी प्रतिक्रिया

Kavita2
8 Jun 2026 9:47 AM IST
AI दुरुपयोग पर CPI नेता की कड़ी प्रतिक्रिया
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Tamil Nadu तमिलनाडु: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के जनरल सेक्रेटरी एम. वीरपांडियन ने रविवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर पूर्व नेताओं की इमेज खराब करने वाले पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे निंदनीय और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल दिवंगत नेताओं के सम्मान के खिलाफ हैं, बल्कि समाज की नैतिकता और राजनीतिक संस्कारों पर भी प्रश्न चिह्न लगाती हैं।

वीरपांडियन ने अपने बयान में विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करुणानिधि की प्रतिष्ठा और इज्जत को ठेस पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया पर AI तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी इमेज को बदनाम किया गया है। इस प्रकार की पोस्ट ने जनता के बीच चिंता और आक्रोश पैदा किया है। उनके अनुसार, किसी भी घटिया पोस्ट को देखकर किसी भी नागरिक की प्रतिक्रिया केवल इसकी निंदा करने तक सीमित नहीं रह सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के वर्तमान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को भी सोशल मीडिया पर AI आधारित पोस्ट के माध्यम से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। यह एक संकेत है कि AI तकनीक का दुरुपयोग केवल इतिहास या पूर्व नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व को भी निशाना बनाया जा रहा है।

वीरपांडियन ने चेतावनी दी कि AI तकनीक विज्ञान और तकनीकी प्रगति का बड़ा माध्यम बनने के साथ-साथ अगर गलत हाथों में चली जाए, तो यह गंभीर सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं को जन्म दे सकती है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि AI के दुरुपयोग को कैसे रोका जाए और इसके नकारात्मक परिणामों को कम किया जाए।

CPI नेता ने जोर देते हुए कहा कि जब समाज में इस तरह के घटिया अपराध होते हैं, तो पूरे समाज को मिलकर उनकी निंदा करनी चाहिए। उनका कहना है कि केवल व्यक्तिगत प्रतिक्रिया ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एकजुटता और सामाजिक चेतना के माध्यम से इस प्रवृत्ति को रोकना जरूरी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रकार के अनैतिक और अपमानजनक पोस्ट को फैलने से रोकें और कानून और नैतिकता के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित फेक पोस्ट और डिपफेक वीडियो का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसके दुरुपयोग से न केवल राजनीतिक नेताओं की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता के बीच भ्रम और अस्थिरता भी फैल सकती है। इसलिए समाज के सभी वर्गों का यह जिम्मेदारी बनती है कि तकनीकी प्रगति का सही उपयोग हो और किसी की प्रतिष्ठा या इज्जत को नुकसान न पहुंचे।

वीरपांडियन ने इस मामले में सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों से भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि तकनीक के लाभ समाज को मिले, लेकिन इसका दुरुपयोग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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