तमिलनाडू

सलेम में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद, पथराव में पांच घायल, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Kavita2
12 July 2026 2:51 PM IST
सलेम में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद, पथराव में पांच घायल, पुलिस ने संभाला मोर्चा
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सलेम : तमिलनाडु के सलेम जिले के ओधियाथुर गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद बढ़ने के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात प्रतिमा लगाने के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया, जिसमें पथराव की घटना सामने आई। इस दौरान पांच लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पानी की बौछारें और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, ओधियाथुर गांव में डॉ. अंबेडकर की एक नई प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रतिमा के अनावरण को लेकर स्थानीय निवासियों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि विवाद प्रतिमा की स्थापना और उसमें दिखाई गई मुद्रा को लेकर शुरू हुआ। प्रतिमा में डॉ. अंबेडकर को एक पैर दूसरे पैर पर रखकर बैठे हुए दिखाया गया है, जिस पर कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार रात जब प्रतिमा के अनावरण की तैयारी चल रही थी, तभी स्थानीय लोगों के एक समूह ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने तनावपूर्ण रूप ले लिया। दोनों समुदायों के बीच बहस बढ़ने के बाद स्थिति बिगड़ गई और पथराव शुरू हो गया। इस दौरान कई लोग घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, भीड़ के उग्र होने के बाद पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्ती करनी पड़ी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया और हल्का लाठीचार्ज भी किया गया।

स्थिति पर काबू पाने के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर तैनात किया गया ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने को कहा है।

स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए। जानकारी के अनुसार, टकराव को शांत करने के लिए प्रतिमा को कुछ समय के लिए टिन की चादरों से ढक दिया गया। अधिकारियों का उद्देश्य था कि जब तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकलता, तब तक किसी भी तरह की स्थिति को नियंत्रित रखा जाए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है, हालांकि प्रशासन की सक्रियता के कारण स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने दोनों समुदायों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

डॉ. भीमराव अंबेडकर देश के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय के प्रमुख नेताओं में से एक माने जाते हैं। देशभर में उनके सम्मान में विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। हालांकि, कई बार प्रतिमा स्थापना, स्थान या स्वरूप को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद सामने आते रहे हैं। प्रशासन ऐसे मामलों में बातचीत और कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि महापुरुषों से जुड़े प्रतीकों को लेकर संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है। किसी भी विवाद की स्थिति में हिंसा के बजाय संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना ही उचित तरीका है। प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए।

फिलहाल सलेम के ओधियाथुर गांव में पुलिस की तैनाती जारी है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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