
Tamil Nadu तमिलनाडु: नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर एक नया विवाद सामने आ गया है। चेन्नई के मेयर और डिप्टी मेयर को समारोह में आमंत्रित नहीं किए जाने की बात अब राजनीतिक चर्चा का मुद्दा बन गई है।
Vijay ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई में आयोजित किया गया, जो Nehru Indoor Stadium Chennai में संपन्न हुआ। यह आयोजन Ripon Buildings Chennai और Greater Chennai Corporation के आसपास के क्षेत्र से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, क्योंकि यह नगर प्रशासन और शहर की राजनीतिक व्यवस्था से भी संबंधित रहा।
समारोह में राज्य के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन इसी दौरान यह सवाल उठने लगा कि चेन्नई के मेयर और डिप्टी मेयर को आमंत्रण सूची में शामिल नहीं किया गया। इस मुद्दे ने स्थानीय राजनीति में चर्चा को जन्म दे दिया है और विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मेयर और डिप्टी मेयर को न बुलाने को लेकर कुछ विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनिक समन्वय की कमी बताया है, जबकि कुछ का कहना है कि यह एक प्रोटोकॉल संबंधी निर्णय हो सकता है। हालांकि इस पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर राज्य भर में राजनीतिक माहौल पहले से ही सक्रिय था, क्योंकि यह नई सरकार के गठन का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम था। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति देखी गई और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
चेन्नई नगर प्रशासन से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसे बड़े सरकारी आयोजनों में आमंत्रण सूची प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के आधार पर तय की जाती है। लेकिन मेयर और डिप्टी मेयर जैसे निर्वाचित प्रतिनिधियों को न बुलाने का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर शहर प्रशासन और राज्य सरकार के बीच समन्वय से जुड़ा मामला है। वहीं समर्थक दलों का कहना है कि नई सरकार अपने कामकाज की प्राथमिकताओं पर ध्यान दे रही है और इस तरह के विवादों को अनावश्यक रूप से तूल नहीं दिया जाना चाहिए।
फिलहाल इस मामले पर सभी की नजर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मेयर और डिप्टी मेयर को आमंत्रित न करने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।





