
चेन्नई। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रमुख एम मणिकम टैगोर ने शुक्रवार को वर्ष 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर निर्णायक जीत हासिल करेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु में नवगठित धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय गठबंधन राज्य की सभी 39 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगा।
मीडिया से बातचीत में टैगोर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक प्रभाव और बढ़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में देश की जनता विपक्षी गठबंधन के पक्ष में स्पष्ट जनादेश देगी। उनके मुताबिक, राहुल गांधी की अगुवाई में सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को केंद्र में रखकर चुनाव लड़ा जाएगा।
टैगोर ने कहा कि तमिलनाडु में तैयार किया गया गठबंधन केवल राजनीतिक दलों का चुनावी समझौता नहीं है, बल्कि धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की विचारधारा पर आधारित एक व्यापक राजनीतिक मंच है। उन्होंने इसे “सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस” बताते हुए कहा कि यह राज्य के विभिन्न वर्गों और समुदायों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करेगा।
उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु की जनता सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। राज्य की राजनीतिक परंपरा सामाजिक न्याय, भाषाई अधिकार, संघीय व्यवस्था और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों से जुड़ी रही है। इसलिए 2029 में गठबंधन सभी 39 संसदीय क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल करेगा।
हालांकि टैगोर का यह दावा अगले लोकसभा चुनाव से काफी पहले सामने आया है। अभी उम्मीदवारों के चयन, सीटों के बंटवारे और गठबंधन के विस्तृत स्वरूप जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय होना बाकी है। इसके बावजूद उनका बयान बताता है कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में आगामी चुनावों के लिए अभी से राजनीतिक लक्ष्य तय करना शुरू कर दिया है।
मणिकम टैगोर ने राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह देश में लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के युवाओं, किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और वंचित समुदायों के मुद्दों को राहुल गांधी लगातार उठा रहे हैं। इसी कारण विभिन्न राज्यों में इंडिया गठबंधन के प्रति समर्थन बढ़ रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्षी गठबंधन का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और संविधान में निहित समानता के सिद्धांतों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। आने वाले चुनाव में जनता इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखकर अपना निर्णय करेगी।
टैगोर के अनुसार, तमिलनाडु में रोजगार, शिक्षा, किसानों की आय, उद्योग, केंद्र-राज्य संबंध और सामाजिक न्याय चुनावी चर्चा के प्रमुख मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा कि गठबंधन का प्रयास रहेगा कि राज्य के अधिकारों एवं विकास से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाया जाए। कांग्रेस इन मुद्दों पर अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चला सकती है।
उन्होंने संघीय व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्यों की आवाज को राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए। उनका दावा था कि इंडिया गठबंधन मजबूत राज्यों के माध्यम से मजबूत भारत बनाने की सोच रखता है। टैगोर ने कहा कि तमिलनाडु के विकास, आर्थिक अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की रक्षा के लिए विपक्षी दल एक साझा मंच पर काम करेंगे।
तमिलनाडु में कुल 39 लोकसभा सीटें हैं और राष्ट्रीय सत्ता की लड़ाई में इस राज्य का महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य में कांग्रेस लंबे समय से सहयोगी दलों के साथ चुनाव लड़ती रही है। यहां के चुनावी परिणाम दक्षिण भारत में राष्ट्रीय गठबंधनों की स्थिति पर बड़ा असर डाल सकते हैं। यही कारण है कि सभी सीटों पर जीत का टैगोर का दावा राजनीतिक रूप से काफी महत्व रखता है।
कांग्रेस नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भविष्य की चुनावी चुनौतियों के लिए अभी से तैयार होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत बनाने, स्थानीय मुद्दों की पहचान करने और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने की जरूरत है। चुनावी सफलता केवल बड़े नेताओं की सभाओं से नहीं, बल्कि बूथ स्तर तक मजबूत संगठन खड़ा करने से मिलेगी।
टैगोर ने दावा किया कि तमिलनाडु में धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय की राजनीति के लिए व्यापक जनसमर्थन मौजूद है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में शामिल दल साझा विचारधारा एवं न्यूनतम कार्यक्रम के आधार पर जनता के बीच जाएंगे। उम्मीदवारों या सीटों की चर्चा उचित समय पर सहयोगी दलों के बीच आपसी सहमति से की जाएगी।
उनके बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में 2029 के चुनाव को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल टैगोर के दावे को अतिआत्मविश्वास बता सकते हैं, जबकि कांग्रेस इसे कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और गठबंधन की मजबूती प्रदर्शित करने की कोशिश के रूप में पेश करेगी। चुनाव में अभी समय है और इस दौरान राजनीतिक परिस्थितियों तथा गठबंधनों के स्वरूप में बदलाव भी संभव है।
राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन के सामने राज्यों में सहयोगी दलों के बीच तालमेल, सीट बंटवारा और साझा रणनीति तैयार करने की चुनौती रहेगी। अलग-अलग राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियां अलग होने के कारण गठबंधन को स्थानीय स्तर पर संतुलन बनाना होगा। टैगोर ने हालांकि भरोसा जताया कि समान विचारधारा वाले दल मिलकर इन चुनौतियों का समाधान निकालेंगे।
तमिलनाडु में सभी 39 सीटें जीतने का दावा कांग्रेस की महत्वाकांक्षी चुनावी रणनीति का संकेत माना जा रहा है। टैगोर ने स्पष्ट किया कि गठबंधन का अभियान धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन तथा सहयोगी दलों की एकजुटता से 2029 में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर निर्णायक परिणाम सामने आएंगे।





