तमिलनाडू

तमिलनाडु में नई सरकार को बधाई, PMK ने शराबबंदी और जातिगत जनगणना पर रखी मांगें

Kavita2
11 May 2026 9:26 AM IST
तमिलनाडु में नई सरकार को बधाई, PMK ने शराबबंदी और जातिगत जनगणना पर रखी मांगें
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री पद संभालने वाले Vijay और उनकी टीम को बधाई दी है। साथ ही कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय भी रखी है।

Anbumani Ramadoss ने तमिलनाडु की नई सरकार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य में नई नेतृत्व टीम से जनता को उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और सामाजिक सुधार से जुड़े कई मुद्दों पर तेजी से काम होना चाहिए।

Pattali Makkal Katchi (PMK) की ओर से अंबुमणि ने स्पष्ट किया कि पार्टी तमिलनाडु में पूरी तरह शराबबंदी लागू किए जाने की मांग को आगे बढ़ाती रहेगी। उनके अनुसार, शराबबंदी सामाजिक और पारिवारिक सुधार के लिए जरूरी कदम है, जिसे सरकार को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने जाति आधारित जनगणना कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि सामाजिक न्याय की नीतियों को सही तरीके से लागू करने के लिए जातिगत आंकड़ों की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है, ताकि योजनाओं का लाभ सही वर्ग तक पहुंच सके।

अंबुमणि ने यह भी कहा कि Thaveka की ओर से किए गए चुनावी वादों को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार जनता से किए गए वादों को गंभीरता से लेगी और उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू करेगी।

PMK नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सरकार का समर्थन उन सभी कदमों में करेगी जो जनता के हित में होंगे। उन्होंने कहा कि पीएमके एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी और जहां भी सरकार से गलती होगी, उसे लोकतांत्रिक तरीके से सामने लाया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PMK का यह रुख नई सरकार के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने का संकेत देता है। एक तरफ जहां समर्थन का आश्वासन दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ शराबबंदी और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर दबाव भी बनाया गया है।

नई सरकार के गठन के बाद तमिलनाडु की राजनीति में सहयोग और आलोचना दोनों का दौर शुरू हो गया है। विभिन्न दल अपने-अपने एजेंडे के अनुसार सरकार पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल राज्य की जनता की नजर इस बात पर है कि नई सरकार अपने चुनावी वादों को कितनी तेजी से लागू करती है और विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

Next Story