
Tamil Nadu तमिलनाडु: कोयंबटूर साउथ विधानसभा सीट से सांसद वी. सेंथिलबालाजी ने बुधवार को रामनाथपुरम इलाके में वोटरों से मुलाकात के दौरान आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री समेत तमाम नेता केवल DMK पर आरोप लगाने में ही दिलचस्पी रखते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जनता के विकास और उनके चुनावी वादों को पूरा करने में गंभीर नहीं है।
सेंथिलबालाजी ने कहा कि वे केवल जनता का धन्यवाद नहीं करेंगे, बल्कि कोयंबटूर साउथ विधानसभा क्षेत्र के लिए आवश्यक विकास परियोजनाएं लाने वाले पहले प्रतिनिधि बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जहां तक कोयंबटूर जिले की बात है, पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पेरियार अरिवुलागम, जी.डी. नायडू फ्लाईओवर, सेम्मोझी पार्क और वेस्टर्न बाईपास रोड समेत 300 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाएं दी हैं।
सांसद ने जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में कोयंबटूर के लोग DMK का समर्थन जारी रखेंगे क्योंकि पार्टी ने जिले में विकास कार्यों में योगदान दिया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे आने वाले समय में अपने वोट से क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में विधानसभा चुनावों में उन्होंने कोयंबटूर साउथ सीट से जीत हासिल की थी और अब उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को तेजी से लागू करना होगी। उन्होंने लोगों से कहा कि उनके समर्थन और सहयोग से ही क्षेत्र में सुधार संभव है।
सेंथिलबालाजी ने अपने भाषण में करुणानिधि का भी जिक्र किया और कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने जन्मदिन के अवसर पर लोगों को खाना बांटकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते थे। उन्होंने यह उदाहरण देते हुए कहा कि नेताओं का काम केवल चुनावी बयानबाजी करना नहीं, बल्कि जनता की भलाई और क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना होना चाहिए।
सांसद ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता के विकास पर ध्यान नहीं देगी, तो आने वाले समय में इसके नतीजे राजनीतिक रूप में भी देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से कहा कि वे DMK के विकास कार्यों को देखें और अपने वोट से सही दिशा तय करें।
इस अवसर पर सांसद ने स्थानीय जनता से सीधे संवाद किया और उनके मुद्दों, जरूरतों और शिकायतों को सुना। उन्होंने वादा किया कि आने वाले समय में सड़क, पार्क, बाईपास और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कोयंबटूर जिले में सांसद के इस दौरे और भाषण ने क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि सांसद का यह रुख स्थानीय विकास और आगामी चुनावों में पार्टी के समर्थन को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगा।





