
Tamil Nadu तमिलनाडु: मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने राज्य विधानसभा में अपने पहले औपचारिक संबोधन में कहा कि उनकी पार्टी को विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए कई “साजिशों और पाबंदियों” का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने भाषण में राजनीतिक परिस्थितियों, जनादेश और हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की स्थिति स्पष्ट की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी को जनता का समर्थन मिला और चुनावों में लगभग 35 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। उन्होंने कहा, “हमारी राजनीति पारदर्शी है। हमें 35 प्रतिशत वोट मिले। कुछ लोग कह रहे हैं कि हम बहुत आसानी से दो साल में सत्ता में आ गए, लेकिन हमने कई साजिशों और पाबंदियों का सामना किया। हमने हर चुनौती का सामना किया और आज हम यहां हैं। अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आने की प्रक्रिया आसान नहीं थी और पार्टी ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई बाधाओं का सामना किया।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने 2025 में करूर में हुई भगदड़ की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे अपनी स्मृतियों में हमेशा रहने वाली त्रासदी बताया।
தவெக அரசு என்ன செய்தது என்று கேள்வி எழுப்பியவர்களுக்கு, கடந்த 40 நாட்களில் அரசின் செயல்பாடுகள் மற்றும் மக்கள் நல நடவடிக்கைகளை விரிவாக பட்டியலிட்டு பதிலளித்தார் முதல்வர் விஜய். @TVKVijayHQ pic.twitter.com/TvdXgrrlYN
— Meiyyanathan (@mmeiyyanathan) June 23, 2026
उन्होंने कहा, “मैं उस त्रासदी के बारे में अपना दुख बयां नहीं कर सकता, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई। वह दर्द मुझे कभी नहीं छोड़ेगा। लेकिन दुर्भाग्य से उस घटना का दोष भी हम पर मढ़ दिया गया। यह बहुत बुरा है। क्या राजनीति इतनी बेरहम हो सकती है?”
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद विधानसभा में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया। विपक्षी दलों ने जहां सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, वहीं सत्तापक्ष ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह पहला संबोधन उनके शासनकाल की प्राथमिकताओं और राजनीतिक रुख को स्पष्ट करता है। उन्होंने जहां एक ओर चुनावी संघर्ष और जनादेश की बात की, वहीं दूसरी ओर करूर जैसी गंभीर घटना पर संवेदनशीलता भी व्यक्त की।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि उनकी सरकार आने वाले समय में प्रशासनिक सुधारों और जनकल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिर और पारदर्शी शासन देना उनकी प्राथमिकता है।
करूर भगदड़ को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी के बाद इस मामले पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले की जांच पहले से ही प्रक्रिया में है।
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के इस पहले औपचारिक संबोधन को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव, चुनौतियों और संवेदनाओं को एक साथ रखा।





