तमिलनाडू

सीएम विजय का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण: केंद्र से सहयोग का भरोसा

Kavita2
15 Aug 2026 11:01 AM IST
सीएम विजय का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण: केंद्र से सहयोग का भरोसा
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चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में केंद्र सरकार के साथ प्रशासनिक मामलों में सहयोग का आश्वासन दिया, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य के अधिकारों के खिलाफ जाने वाली किसी भी नीति का विरोध करेगी।

फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर से दिए गए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, लेकिन राज्यों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना भी उनकी सरकार की प्राथमिकता रहेगी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी संस्थाओं के बीच संतुलन और सहयोग होना चाहिए। राज्य के विकास और जनता के हितों से जुड़े मामलों में सरकार सकारात्मक तरीके से काम करेगी, लेकिन ऐसी नीतियों का विरोध किया जाएगा जो तमिलनाडु के अधिकारों या हितों को प्रभावित करती हों।

भ्रष्टाचार को बताया बड़ी चुनौती

मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करना भी आजादी की भावना का हिस्सा है। उनकी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि जनता का पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का राजस्व अगर निजी व्यक्तियों के पास जा रहा है तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

जनता के हितों को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

सीएम विजय ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन में सुधार, जनकल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का उत्सव नहीं है, बल्कि जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर भी है।

राज्य के अधिकारों की रक्षा का संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में संघीय व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यों को अपने अधिकारों के साथ काम करने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु हमेशा से अपनी भाषा, संस्कृति और विकास मॉडल को लेकर अलग पहचान रखता है। राज्य सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेगी।

उन्होंने कहा कि जहां सहयोग की जरूरत होगी, वहां सरकार सहयोग करेगी, लेकिन राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन रहा खास

मुख्यमंत्री विजय के लिए यह स्वतंत्रता दिवस संबोधन खास रहा क्योंकि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण था।

फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर से दिए गए इस भाषण में उन्होंने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को सामने रखा।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए काम करेगी और प्रशासन को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाएगी।

विकास और सुशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन किसी भी सरकार की पहचान होती है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और जनता को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा तमिलनाडु बनाना है, जहां हर वर्ग को विकास के समान अवसर मिलें।

उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीब वर्गों के कल्याण के लिए काम करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि देश की आजादी लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की आवाज सुनें और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों का भारत बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

तमिलनाडु के भविष्य का रखा विजन

सीएम विजय ने कहा कि तमिलनाडु विकास, सामाजिक न्याय और पारदर्शी शासन के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की प्रगति के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

उनके संबोधन में केंद्र के साथ सहयोग, राज्य अधिकारों की रक्षा, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान और जनता केंद्रित प्रशासन मुख्य विषय रहे।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार जनता की सेवा और राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी।

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