तमिलनाडू

Chennai की जलधाराएं प्रदूषण की चपेट में, पर्यावरण पर गंभीर खतरा

Ratna Netam
18 April 2026 2:47 PM IST
Chennai की जलधाराएं प्रदूषण की चपेट में, पर्यावरण पर गंभीर खतरा
x

Chennai.चेन्नई: चेन्नई की प्रमुख नदियों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ताज़ा रिपोर्ट्स और पर्यावरणीय आंकड़ों के अनुसार शहर में प्रतिदिन 30 मिलियन लीटर (MLD) से अधिक बिना ट्रीट किया हुआ सीवेज सीधे नदियों में प्रवाहित हो रहा है, जिससे जल गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। शहर की प्रमुख जलधाराओं में शामिल Cooum River और Adyar River सबसे अधिक प्रभावित मानी जा रही हैं, जहां कई हिस्सों में पानी पूरी तरह से प्रदूषित हो चुका है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बिना उपचारित सीवेज का लगातार बहाव जल में ऑक्सीजन स्तर को कम कर देता है, जिससे जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाता है। इसके अलावा, यह स्थिति जलजनित बीमारियों के फैलने की संभावना को भी बढ़ा देती है, जो शहरी आबादी के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शहर के कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण बड़ी मात्रा में गंदा पानी सीधे नदियों में छोड़ दिया जा रहा है। बढ़ती आबादी और तेजी से शहरीकरण ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
Tamil Nadu में जल प्रबंधन को लेकर कई योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव सीमित दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम को पूरी क्षमता के साथ नहीं चलाया जाएगा और निगरानी को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक स्थिति में सुधार मुश्किल है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा है कि नदियों को केवल जल निकासी माध्यम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की है कि बिना ट्रीट किए हुए सीवेज के सीधे प्रवाह को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
स्थानीय निवासियों ने भी प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कई क्षेत्रों में नदियों के आसपास बदबू और गंदगी के कारण जीवन कठिन हो गया है। इससे आसपास के इलाकों की स्वच्छता और जीवन स्तर पर भी असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो Chennai की नदियां पूरी तरह से पारिस्थितिक रूप से असंतुलित हो सकती हैं, जिसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा।
फिलहाल, प्रशासन और पर्यावरण एजेंसियों पर दबाव बढ़ रहा है कि वे इस समस्या के समाधान के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना लागू करें। यह मामला अब केवल पर्यावरणीय चिंता नहीं रहा, बल्कि एक गंभीर शहरी संकट का रूप ले चुका है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
Next Story