
चेन्नई: तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार ने सफाई कर्मियों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। राज्य सरकार की इस योजना के तहत सफाई कर्मियों को कार्य के दौरान उपयुक्त विश्राम स्थल एवं स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें बेहतर कार्य परिस्थितियां मिल सकें और उनकी दैनिक चुनौतियां कम हों।
तमिलनाडु सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों के सम्मान और उनके स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बताया कि सरकार शहरी क्षेत्रों के सभी वार्डों में सफाई कर्मियों के लिए शौचालय सुविधा से युक्त विश्राम कक्ष (रेस्ट रूम) बनवाने जा रही है। शहर के सभी 200 वार्डों में शौचालय युक्त विश्राम कक्ष स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने चेन्नई के कलैवनार आरंगम में आज सफाई कर्मचारियों को प्रतिदिन तीन बार निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने की नई योजना की शुरुआत भी की। यह भोजन योजना 6 दिसंबर से राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्टालिन ने सफाई कर्मचारियों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता ही स्वास्थ्य का आधार है और किसी भी आपदा के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने में सफाई कर्मचारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का काम केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सामाजिक सेवा है।
स्टालिन ने आश्वासन दिया कि डीएमके सरकार सफाई कर्मचारियों की सभी मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी, जिसमें आवासीय सुविधाएं और अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।





