
Tamil Nadu तमिलनाडु: पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में साउदर्न रेलवे के चेन्नई डिवीजन ने माल ढुलाई (फ्रेट ऑपरेशन) के जरिए रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किया है। रेलवे डिवीजन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवधि में कुल 1,289.78 करोड़ रुपये की आय माल ढुलाई सेवाओं से प्राप्त हुई है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
चेन्नई रेलवे डिवीजन ने इस दौरान न केवल राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की, बल्कि कई नई माल ढुलाई सेवाएं भी शुरू की हैं, जिससे कार्गो ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूती मिली है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि बेहतर संचालन, नए मार्गों की शुरुआत और लॉजिस्टिक सुधारों का परिणाम है।
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत पहली बार चेन्नई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से पोनमलाई (गोल्डन रॉक - बॉयलर प्लांट क्षेत्र) तक लोहे के पाइपों का सफल परिवहन किया गया। इस नई पहल से भारी औद्योगिक सामानों की ढुलाई में रेलवे की भूमिका और मजबूत हुई है।
इसके साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए चेन्नई रेलवे डिवीजन ने इलेक्ट्रिक ऑटो के माध्यम से सामान ढुलाई की शुरुआत भी की है। यह कदम कार्बन उत्सर्जन कम करने और ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार के तहत सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के लिए कंटेनर ट्रांसपोर्ट सेवा कोरुक्कुपेट फ्रेट टर्मिनल से दिल्ली डिवीजन के अंतर्गत नोली क्षेत्र तक शुरू की गई है। इससे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है।
रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि चेन्नई डिवीजन ने अपनी कुछ पहले खोई हुई प्रमुख माल ढुलाई सेवाओं को दोबारा हासिल कर लिया है, जिससे इसके फ्रेट नेटवर्क में सुधार हुआ है। डिवीजन लगातार अपनी क्षमता बढ़ाने और नए प्रकार के कार्गो हैंडल करने की दिशा में काम कर रहा है।
रेलवे का कहना है कि भविष्य में और अधिक औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने, नई माल ढुलाई लाइनों के विकास और तेज लॉजिस्टिक सेवाओं पर फोकस किया जाएगा। इससे न केवल रेवेन्यू बढ़ेगा बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
इस रिकॉर्ड आय और विस्तार को चेन्नई रेलवे डिवीजन की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो भारतीय रेलवे की फ्रेट सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





