
Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तमिलनाडु पुलिस ने एक नई विशेष इकाई ‘लायनेस स्पेशल टास्क फोर्स’ का गठन किया है। इस फोर्स को लेकर IG K. भवानीश्वरी ने चेन्नई DGP ऑफिस में बुधवार को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विशेष टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर तुरंत कार्रवाई करना और किसी भी आपात स्थिति में तेजी से सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
IG K. भवानीश्वरी के अनुसार इस फोर्स को खास तरह की ट्रेनिंग दी गई है, जिसमें हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी शामिल है। इसका मकसद यह है कि फील्ड में तैनात टीम किसी भी गंभीर स्थिति में खुद को सुरक्षित रखते हुए तुरंत कार्रवाई कर सके। यह फोर्स केवल प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान करके पहले से ही रोकथाम के उपाय भी करेगी।
इस टास्क फोर्स की तैनाती सार्वजनिक स्थानों पर की जाएगी, जिनमें बस स्टैंड, भीड़भाड़ वाले बाजार, ऑफिस क्षेत्र और अन्य संवेदनशील जगहें शामिल हैं। इन जगहों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नियमित गश्त की जाएगी। इसके साथ ही उन क्षेत्रों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा जहां पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध हुए हैं या भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका मानी जाती है। इन जगहों से संबंधित जानकारी जुटाकर निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि दोबारा अपराध की संभावना को कम किया जा सके।
‘लायनेस स्पेशल टास्क फोर्स’ को तमिलनाडु पुलिस की मौजूदा यूनिट्स के साथ मिलकर काम करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें ‘महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध यूनिट’, ‘सिर्फ महिलाओं वाले पुलिस स्टेशन’ और अन्य संबंधित पुलिस इकाइयों के साथ समन्वय शामिल होगा। इसके अलावा वॉलंटियर्स की मदद भी ली जाएगी ताकि जमीनी स्तर पर निगरानी और जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जा सके।
इस पहल के तहत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को लेकर जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया जाएगा। पुलिस विभाग का मानना है कि जागरूकता और समय पर जानकारी साझा करने से अपराधों को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसी दिशा में ‘270 ग्रुप’ के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाने की योजना है, जिसमें लोगों को सुरक्षा, सावधानी और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस नई टास्क फोर्स के जरिए तमिलनाडु पुलिस का लक्ष्य है कि महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाया जाए और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।





