
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार अभियान अपने अंतिम चरण में है। 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से पहले सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के कई इलाकों में चुनाव प्रचार किया और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा।
नायडू ने सोमवार को होसुर और कोयंबटूर में जनसभाएं कीं, जहां उन्होंने AIADMK के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पट्टाली मक्कल काची (PMK) समेत अन्य दल शामिल हैं।
इसके बाद उन्होंने चेन्नई के अन्ना नगर सीट से चुनाव लड़ रहीं AIADMK उम्मीदवार गोकुला इंदिरा और त्यागराय नगर से उम्मीदवार सत्यनारायण के समर्थन में भी प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से NDA उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।
अपने भाषण में नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी वजह से भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम स्थान हासिल कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार लोगों के हित में काम कर रहे हैं।
वहीं, उन्होंने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन में बाधा डाल रही है। नायडू ने कहा कि DMK के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई ने कांग्रेस के खिलाफ राजनीति की थी, लेकिन वर्तमान में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK कांग्रेस के साथ खड़ी है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई वर्षों से महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने पहले इस प्रस्ताव का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए विधेयक लेकर आए, लेकिन अब भी कुछ दल इसका विरोध कर रहे हैं।
नायडू ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि DMK के नेता वोट मांगने आएं तो उनसे पूछा जाए कि संसद में महिलाओं की भागीदारी क्यों सीमित है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक कारणों से निर्णयों में देरी की गई है।
अपने संबोधन के अंत में नायडू ने दावा किया कि तमिलनाडु के लोग बदलाव चाहते हैं और आने वाले समय में यह इच्छा चुनाव परिणामों में दिखाई देगी। अब प्रचार समाप्त होने के बाद सभी की नजरें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जहां राज्य की जनता अगली सरकार का फैसला करेगी।





