
त्रिची: तमिलनाडु के त्रिची जिले में लालगुडी के पास एक परित्यक्त कुएं से दो लोगों के सड़े-गले शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में दोनों मृतकों की पहचान एक ईंट भट्टे में काम करने वाले मजदूरों के रूप में हुई है, जो पिछले मई महीने से लापता बताए जा रहे थे। शवों की बरामदगी के बाद पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को स्थानीय ग्रामीणों ने लालगुडी पुलिस को सूचना दी कि कीझादाथिगुडी गांव में स्थित एक पुराने और लंबे समय से उपयोग में नहीं लाए जा रहे कुएं से तेज दुर्गंध आ रही है। यह करीब 30 फीट गहरा कुआं सहयाराज नामक व्यक्ति की जमीन पर स्थित बताया गया है। दुर्गंध की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन एवं बचाव सेवा (फायर एंड रेस्क्यू) की टीम को भी बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने कुएं के भीतर से दो सड़े-गले शव बाहर निकाले। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों शवों में से एक का सिर गायब था, जिससे घटना को लेकर संदेह और गहरा गया।
शाम होने और अंधेरा बढ़ने के कारण सोमवार को तलाशी अभियान रोकना पड़ा। इसके बाद मंगलवार सुबह फिर से अभियान शुरू किया गया। तलाशी के दौरान कुएं के भीतर से लापता सिर भी बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर बारीकी से जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस को कुएं के ऊपर और आसपास से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। इनमें कुछ कपड़े, एक मोबाइल फोन और अन्य सामान शामिल हैं। इन सभी वस्तुओं को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये सामान मृतकों का है या किसी अन्य व्यक्ति का तथा इनसे घटना की कड़ियां कैसे जुड़ती हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि लालगुडी के निकट पचमपेट क्षेत्र में संचालित एक ईंट भट्टे में काम करने वाले दो मजदूर मई महीने से लापता थे। उनके अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने उनकी तलाश की थी। बाद में इस संबंध में मरियम्मल नामक एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन उस समय मजदूरों का कोई सुराग नहीं मिला था।
अब कुएं से मिले शवों की पहचान लापता मजदूरों के रूप में होने के बाद पुलिस पुराने गुमशुदगी मामले को इस नई घटना से जोड़कर देख रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि पहचान पूरी तरह से पुष्टि हो जाती है, तो यह मामला साधारण गुमशुदगी से बढ़कर गंभीर आपराधिक घटना साबित हो सकता है।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। चिकित्सकों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दोनों की मौत कैसे हुई, उनकी मौत का समय क्या था और क्या उनके साथ किसी प्रकार की हिंसा की गई थी। शवों की अत्यधिक सड़ी-गली स्थिति के कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच को इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि दोनों मजदूरों की मौत दुर्घटनावश कुएं में गिरने से हुई या फिर उन्हें हत्या के बाद वहां फेंका गया। एक शव का सिर अलग मिलने से हत्या की आशंका और मजबूत हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
पुलिस ईंट भट्टे के मालिक, वहां काम करने वाले अन्य मजदूरों, शिकायतकर्ता मरियम्मल तथा मृतकों के परिचितों से भी पूछताछ कर रही है। साथ ही मृतकों की गतिविधियों, आपसी संबंधों, किसी विवाद या आर्थिक लेन-देन जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि घटना से जुड़ा कोई अहम सुराग मिल सके।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि यदि यह हत्या का मामला है, तो अपराधियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और पूछताछ से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों मजदूरों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी या नहीं।





