तमिलनाडू

बीजेपी नेता केसवन बोले – डीएमके घबराई, राहुल गांधी की फेल्ड टूलकिट का सहारा

SHIDDHANT
27 Oct 2025 10:02 PM IST
बीजेपी नेता केसवन बोले – डीएमके घबराई, राहुल गांधी की फेल्ड टूलकिट का सहारा
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Chennai चेन्नई: चुनाव आयोग (ECI) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण की घोषणा पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेता सीआर केसवन (C.R. Kesavan) ने डीएमके सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी चुनाव आयोग की पारदर्शी प्रक्रिया से घबराई हुई है और जनता का ध्यान अपने कुशासन से भटकाने के लिए झूठा नैरेटिव गढ़ रही है। सीआर केसवन ने कहा, “जब डीएमके को SIR (मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया) का नाम सुनाई देता है तो वे इतने नर्वस और बेचैन क्यों हो जाते हैं? असल वजह यह है कि डीएमके अपने भाई राहुल गांधी की ‘फेल्ड और फ्रॉड टूलकिट’ का सहारा लेकर संवैधानिक संस्थाओं की साख को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि डीएमके सरकार की 4.5 साल की नाकामी जनता देख चुकी है। “तमिलनाडु के इतिहास में पिछले साढ़े चार साल सबसे अंधकारमय अध्याय साबित हुए हैं। जनता इस असफल सरकार से तंग आ चुकी है और आगामी चुनावों में इसे सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार है। बीजेपी नेता ने कहा कि डीएमके शासन में राज्य में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और आर्थिक बदहाली चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके नेताओं द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उनकी राजनीतिक हताशा और जनसमर्थन में गिरावट को दर्शाता है।
केसवन ने यह भी कहा कि SIR जैसी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है, ताकि कोई फर्जी मतदान या वोटर डेटा में हेरफेर न हो सके। “बीजेपी पारदर्शी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के पक्ष में है और हम चाहते हैं कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में हो, लेकिन कोई गैरकानूनी नाम शामिल न रहे,” उन्होंने कहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीएमके और बीजेपी के बीच यह टकराव आने वाले लोकसभा चुनाव 2026 की रणनीति का हिस्सा है, जहां दोनों दल राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, डीएमके ने पहले ही इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा “राजनीतिक दबाव बनाकर मतदाता सूची में हेरफेर” करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी का जवाब साफ है – SIR प्रक्रिया लोकतांत्रिक और पारदर्शी है, और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप सिर्फ राजनीतिक नाटक हैं।
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