
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को स्कूली छात्रों के लिए 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' का विस्तार शुरू किया। अब सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी योजना के तहत नाश्ता मिलेगा। सरकार के अनुसार इस विस्तार से करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के तिरुवान्मियूर स्थित गांधी ग्रामम मिडिल स्कूल में योजना के विस्तारित चरण की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को खुद खाना परोसा और उनके साथ बैठकर नाश्ता भी किया। बाद में मुख्यमंत्री ने कक्षाओं का दौरा कर विद्यार्थियों से बातचीत की।
कक्षा 6 से 8 के छात्रों को भी मिलेगा नाश्ता
राज्य सरकार की नाश्ता योजना पहले कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को कवर कर रही थी। अब इसका दायरा बढ़ाकर कक्षा 6 से 8 तक कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थी भूखे पेट स्कूल न आएं तथा पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकें।
योजना के विस्तार के बाद राज्य के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15.30 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
छात्रों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया नाश्ता
योजना के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री विजय का अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने स्कूल के विद्यार्थियों को नाश्ता परोसा और बाद में बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। छात्रों को वेन पोंगल, सांभर और मीठा पोंगल जैसे व्यंजन परोसे गए।
इसके बाद विजय स्कूल की कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। योजना के शुभारंभ को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ समय बिताया और स्कूल की व्यवस्थाओं को भी देखा।
₹217.63 करोड़ का अतिरिक्त बजट
योजना को कक्षा 6 से 8 तक विस्तारित करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके बाद नाश्ता योजना के लिए कुल बजटीय आवंटन ₹724 करोड़ तक पहुंच गया है।
इतनी बड़ी संख्या में नए विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने के लिए स्कूलों, स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को भोजन तैयार करने और वितरण की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने विशेष रूप से रसोई और भोजन परोसने वाले स्थानों की साफ-सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को गर्म, स्वादिष्ट, पर्याप्त मात्रा में और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों में अलग व्यवस्था
योजना को बड़े स्तर पर संचालित करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भोजन तैयार करने की व्यवस्था भी तय की गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन क्षेत्र के 447 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को केंद्रीकृत रसोई के जरिए नाश्ता उपलब्ध कराया जाना है।
अन्य नगर निगमों, नगरपालिकाओं और आसपास के शहरी क्षेत्रों के 2,150 स्कूलों के लिए भी केंद्रीकृत रसोई की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण इलाकों और उनसे जुड़े क्षेत्रों के 12,857 स्कूलों में महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के माध्यम से संबंधित स्कूलों में ही नाश्ता तैयार कर परोसने की व्यवस्था है।
बच्चों की भूख और पढ़ाई दोनों पर फोकस
राज्य सरकार ने योजना के विस्तार के पीछे पोषण के साथ शिक्षा को भी प्रमुख कारण बताया है। सरकार का कहना है कि सुबह पौष्टिक भोजन मिलने से बच्चे भूखे पेट स्कूल आने से बचेंगे और कक्षा में पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
स्कूली बच्चों को नियमित नाश्ता उपलब्ध कराने की पहल को उपस्थिति और पढ़ाई से भी जोड़ा जा रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को स्कूल में भोजन उपलब्ध होने से नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।
सरकार योजना के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, स्कूल उपस्थिति और सीखने की क्षमता जैसे पहलुओं पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने की बात कह रही है।
पहले कक्षा 1 से 5 तक थी योजना
तमिलनाडु में नाश्ता योजना की शुरुआत 2022 में हुई थी। बाद में इसे सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तक विस्तारित किया गया। 2026 में इसका नाम 'पेरुंथलैवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम' रखा गया और अब इसके दायरे में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को भी शामिल किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को तमिलनाडु में स्कूली शिक्षा के विस्तार से जुड़े प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। उनके नाम पर योजना का नाम रखकर सरकार इसे शिक्षा और पोषण से जुड़ी व्यापक पहल के रूप में आगे बढ़ा रही है।
दो जिलों में फिलहाल लागू नहीं
योजना का विस्तारित चरण राज्य के अधिकांश जिलों में 22 सितंबर से शुरू किया गया है। हालांकि चेंगलपट्टू और तिरुप्पुर जिलों में विधानसभा उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता लागू होने से फिलहाल इसका विस्तार नहीं किया गया है। इन जिलों में मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
खाने में नए विकल्प जोड़ने की तैयारी
सरकार नाश्ते के मेन्यू को लेकर भी आगे बदलाव की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन में नए विकल्प जोड़ने के लिए एक समिति बनाई गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक होने के साथ अलग-अलग प्रकार का भोजन उपलब्ध कराना है।
नाश्ता योजना के इस विस्तार के साथ तमिलनाडु सरकार ने अब मिडिल स्कूल स्तर के विद्यार्थियों को भी इसके दायरे में ला दिया है। 15,454 स्कूलों के लगभग 15.30 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों को शामिल करने से यह योजना राज्य की प्रमुख स्कूली पोषण योजनाओं में और बड़े स्तर पर पहुंच गई है।





