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चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली, लेकिन इसी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री और अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय का एक कदम चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री विजय के भाषण से नाराज विपक्षी DMK विधायक सदन में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन खत्म होने के बाद जब एक विपक्षी विधायक को जमीन से उठने में परेशानी हुई तो विजय खुद आगे बढ़े और हाथ पकड़कर उन्हें उठने में मदद की। सत्ता और विपक्ष के टकराव के बीच दिखे इस राजनीतिक शिष्टाचार की सदन में मौजूद कई सदस्यों ने सराहना की।
भाषण के बाद शुरू हुआ हंगामा
सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण के दौरान मुख्य विपक्षी दल DMK पर जमकर निशाना साधा। भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों को लेकर उन्होंने पिछली सरकार और DMK नेताओं को घेरा। उनके भाषण के बाद विपक्षी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि सरकार ने कानून-व्यवस्था से जुड़े उनके सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने 15 सवाल उठाए थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका सीधा जवाब देने के बजाय पुराने मुद्दों को उठाया। बाद में DMK ने सदन से वॉकआउट भी किया।
स्पीकर के सामने धरने पर बैठे विधायक
मुख्यमंत्री के भाषण को लेकर विवाद बढ़ने के बाद DMK विधायक स्पीकर की कुर्सी के सामने सदन के फर्श पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान मुख्यमंत्री विजय अपनी सीट से उठे और विपक्षी सदस्यों को बोलने का अवसर देने की अपील भी की।
राजनीतिक तनाव के बीच सत्ता और विपक्ष के विधायक एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और विरोध करते दिखाई दिए। इसी बीच एक ऐसा पल आया जिसने पूरे घटनाक्रम का ध्यान दूसरी ओर खींच लिया।
दुरई चंद्रशेखर को उठने में हुई परेशानी
धरने के दौरान DMK विधायक **दुरई चंद्रशेखर** भी सदन के फर्श पर बैठे हुए थे। विरोध प्रदर्शन के बाद जब विधायक उठने लगे तो चंद्रशेखर को उठने में कुछ परेशानी हुई।
यह देखकर मुख्यमंत्री विजय अपनी जगह से आगे बढ़े। उन्होंने चंद्रशेखर की ओर हाथ बढ़ाया और उन्हें सहारा देकर खड़ा करने में मदद की।
विजय ने उनसे पूछा कि क्या वह उठ नहीं पा रहे हैं और फिर हाथ पकड़कर उन्हें ऊपर खींचा। इस दृश्य को देखकर सदन में मौजूद कई सदस्यों ने मेजें थपथपाकर प्रतिक्रिया दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
विधानसभा के अंदर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया। राजनीतिक विरोध के बीच विपक्षी विधायक की मदद करने के विजय के अंदाज को कई यूजर्स ने राजनीतिक शिष्टाचार के उदाहरण के तौर पर देखा।
घटना इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इससे कुछ समय पहले तक सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही थी। विजय ने DMK पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए थे और विपक्ष उनके भाषण का जोरदार विरोध कर रहा था।
विजय के भाषण पर विपक्ष का हमला
हालांकि इस एक घटनाक्रम से राजनीतिक तल्खी कम नहीं हुई। DMK समेत विपक्षी दलों ने विजय के विधानसभा भाषण की आलोचना की। कुछ विपक्षी नेताओं ने उनके भाषण को फिल्मी अंदाज और 'पंच डायलॉग' वाला बताते हुए निशाना साधा।
उदयनिधि स्टालिन ने भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विपक्ष की बात सुनने से बच रहे हैं। उन्होंने विजय के भाषण के अंदाज पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा में सवालों के जवाब दिए जाने चाहिए।
सियासी टकराव के बीच शिष्टाचार की तस्वीर
तमिलनाडु की राजनीति में TVK और DMK के बीच तीखा राजनीतिक मुकाबला चल रहा है। ऐसे माहौल में विधानसभा के भीतर सामने आई यह तस्वीर अलग संदेश देती दिखाई दी।
एक तरफ मुख्यमंत्री विजय और विपक्षी विधायकों के बीच मुद्दों को लेकर तीखी बहस हुई, वहीं दूसरी तरफ उसी विपक्ष के विधायक को उठने में परेशानी देखकर मुख्यमंत्री ने मदद के लिए हाथ बढ़ा दिया।
राजनीति में वैचारिक मतभेद और विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर सम्मान और सदन की मर्यादा बनाए रखना भी लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। विजय और दुरई चंद्रशेखर के बीच का यह छोटा सा घटनाक्रम इसी वजह से सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा बन गया।
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