
Tamil Nadu तमिलनाडु: साउदर्न रेलवे ज़ोन में रेलवे क्रॉसिंग को सुरक्षित तरीके से पार करने के नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को विशेष अभियान चलाया गया। चेन्नई रेलवे सेफ्टी वीक के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
इस अवसर पर चेन्नई डिवीजन की ओर से एक जागरूकता वाहन अभियान और पर्चे वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान को साउदर्न रेलवे ज़ोनल ऑफिस परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर डिवीजनल रेलवे सुपरिटेंडेंट अंकुर चौहान, एडिशनल डिवीजनल रेलवे सुपरिटेंडेंट आई. सेंथिलकुमार और सीनियर डिवीजनल सेफ्टी ऑफिसर एम. वासुदेवन मौजूद रहे।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को रेलवे क्रॉसिंग पर सावधानी बरतने और नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि कई दुर्घटनाएं केवल लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिन्हें जागरूकता के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता है।
अभियान के तहत रेलवे कर्मचारियों, स्काउट्स, स्कूली छात्रों और अन्य लोगों ने पल्लवरम और तांबरम के बीच जागरूकता वॉक में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने रेलवे क्रॉसिंग सुरक्षा से जुड़े संदेशों वाले पोस्टर और बैनर लेकर लोगों को जागरूक किया।
इसके अलावा, GST रोड पर एक बड़ी जागरूकता रैली भी आयोजित की गई, जिसमें रेलवे इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग और अन्य विभागों के बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाग लिया। रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि रेलवे ट्रैक पार करते समय निर्धारित नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनों की तेज रफ्तार और अचानक आने वाली गाड़ियों के कारण रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे फाटक बंद होने के दौरान ट्रैक पार करने की कोशिश न करें और हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
कार्यक्रम के दौरान पर्चे बांटे गए और लोगों को सरल भाषा में समझाया गया कि किस तरह छोटी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रेलवे प्रशासन ने यह भी कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक हो सकें।
चेन्नई रेलवे सेफ्टी वीक के तहत चलाया गया यह अभियान न केवल रेलवे कर्मचारियों, बल्कि आम जनता के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया कि रेलवे सुरक्षा में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी अहम है।





