
सलेम। तमिलनाडु के सलेम जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कथित धोखेबाज ने संक्रामक बीमारी के नाम पर महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश की। आरोपी ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर महिलाओं से कहा कि एक नई बीमारी इंसानी बालों के जरिए फैल रही है और इससे बचने के लिए उन्हें अपना सिर मुंडवा लेना चाहिए। इसके बदले उसने 15,000 रुपये का इनाम देने का लालच भी दिया।
मामला सामने आने के बाद लोगों में चिंता फैल गई है। महिलाओं ने बताया कि आरोपी ने पहले विश्वास हासिल करने के लिए उनके परिवार से जुड़ी कुछ जानकारियां साझा कीं और फिर बीमारी को लेकर डर पैदा करने वाली बातें कहीं।
फोन कॉल के जरिए किया गया संपर्क
जानकारी के मुताबिक, कुछ महिलाओं को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को सरकारी अधिकारी बताया। बातचीत के दौरान उसने महिलाओं के परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी देकर यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह किसी सरकारी विभाग से जुड़ा हुआ है।
इसके बाद उसने दावा किया कि COVID-19 जैसी एक नई संक्रामक बीमारी फैल रही है, जो इंसानों के बालों के जरिए संक्रमण फैला सकती है। उसने महिलाओं को इस बीमारी से बचने के लिए सिर मुंडवाने की सलाह दी।
विदेशों का उदाहरण देकर बनाया दबाव
महिलाओं के अनुसार, आरोपी ने अपनी बात को सही साबित करने के लिए विदेशों का उदाहरण भी दिया। उसने कहा कि दूसरे देशों में महिलाएं इस तरह की बीमारी से बचने के लिए अपने बाल हटवा रही हैं।
आरोपी ने दावा किया कि सिर मुंडवाने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से 15,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस तरह उसने महिलाओं को आर्थिक लाभ का लालच देकर अपने झांसे में लेने की कोशिश की।
महिलाओं को हुआ शक
कुछ महिलाओं को आरोपी की बातों पर संदेह हुआ। उन्होंने मामले की जानकारी साझा की और पूरी घटना सामने आई। महिलाओं ने बताया कि बीमारी और सरकार की ओर से ऐसे किसी इनाम की बात उन्हें संदिग्ध लगी।
मामला सामने आने के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों की ओर से भी इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की जाती है।
बीमारी को लेकर फैलाई गई गलत जानकारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बीमारी को लेकर जानकारी केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही लेनी चाहिए। बिना पुष्टि किए किसी भी अफवाह या डर फैलाने वाली बातों पर विश्वास करना नुकसानदायक हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए वैज्ञानिक सलाह और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। केवल किसी के कहने पर स्वास्थ्य से जुड़े बड़े फैसले लेना उचित नहीं है।
साइबर और धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी
इस घटना ने एक बार फिर लोगों को फोन के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहने की जरूरत को सामने रखा है। ठग अक्सर सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था के प्रतिनिधि बनकर लोगों को भरोसे में लेने की कोशिश करते हैं।
वे डर, लालच या आपात स्थिति का हवाला देकर लोगों से व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने या उन्हें गलत कदम उठाने के लिए मजबूर करने की कोशिश करते हैं।
प्रशासन से सतर्क रहने की अपील
ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों को जागरूक रहने की सलाह देते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से बचें और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों से जानकारी प्राप्त करें।
जांच और कार्रवाई पर नजर
फिलहाल मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की नजर बनी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तरह की कॉल कितने लोगों को की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
सलेम की यह घटना दिखाती है कि बीमारी और डर का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में जागरूकता और सही जानकारी ही इस तरह के धोखों से बचने का सबसे बड़ा तरीका है।





