तमिलनाडू

Tirupattur के पास जवाथुमलाई में प्राचीन मंदिर की खोज

Kavita2
1 Jun 2026 9:36 AM IST
Tirupattur के पास जवाथुमलाई में प्राचीन मंदिर की खोज
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तिरुपत्तूर जिले के जवाथुमलाई क्षेत्र के पास एक प्राचीन मंदिर मिलने की जानकारी सामने आई है। यह खोज तिरुपत्तूर स्थित प्योर हार्ट कॉलेज के तमिल विभाग द्वारा की गई एक फील्ड स्टडी के दौरान हुई। इस टीम में प्रोफेसर के. मोहन गांधी, कनिनिलम एम. मुनिसामी और शोध छात्र नविश शामिल थे, जिन्होंने पुंगमपट्टू क्षेत्र के पझायापलायम गांव में अध्ययन के दौरान इस प्राचीन संरचना की पहचान की।

टीम ने बताया कि यह मंदिर तिरुपत्तूर जिले के जवाथुमलाई क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुंगमपट्टू इलाके के एक गांव में स्थित है। स्थानीय स्तर पर इस गांव को पझायापलायम के नाम से जाना जाता है। फील्ड स्टडी के दौरान टीम को गांव के दक्षिणी हिस्से में एक निजी कृषि भूमि पर यह पुराना पत्थर का मंदिर मिला। यह स्थान पहले से धार्मिक या ऐतिहासिक संरचना के रूप में व्यापक रूप से दर्ज नहीं था, जिससे इसकी खोज और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रोफेसर के. मोहन गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संरचना एक प्राचीन पत्थर से बना मंदिर प्रतीत होता है, जो समय के साथ काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मंदिर के निर्माण की शैली और उसकी संरचना यह संकेत देती है कि यह क्षेत्र के पुराने धार्मिक इतिहास से जुड़ा हो सकता है। गांव के लोग इस स्थान को मरियम्मन मंदिर के रूप में पहचानते हैं और लंबे समय से यहां पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

मंदिर की संरचना का वर्णन करते हुए शोध टीम ने बताया कि यहां लगभग 6 फीट ऊंचे, 6 फीट लंबे और 6 फीट चौड़े पत्थर के खंभों पर ईंटों से बना एक पश्चिमी दिशा का टॉवर मौजूद है। यह टॉवर आंशिक रूप से संरक्षित है और समय के प्रभाव से काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है। टीम के अनुसार, इस टॉवर के ऊपर एक पारंपरिक विमान (शिखर संरचना) रहा होगा, जो अब पूरी तरह से टूट चुका है और वर्तमान में मौजूद नहीं है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह मंदिर क्षेत्र के ग्रामीण धार्मिक जीवन और ऐतिहासिक वास्तुकला का महत्वपूर्ण उदाहरण हो सकता है। प्रारंभिक अध्ययन के आधार पर यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संरचना काफी पुरानी है और स्थानीय परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।

टीम ने आगे बताया कि इस तरह की खोजें न केवल क्षेत्रीय इतिहास को समझने में मदद करती हैं, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्थल का विस्तृत पुरातात्विक अध्ययन किया जाना चाहिए ताकि इसके निर्माण काल, स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक महत्व के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त की जा सके।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस खोज को महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि यह मंदिर लंबे समय से उनकी धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है, हालांकि इसका ऐतिहासिक महत्व अब सामने आ रहा है। इस खोज के बाद क्षेत्र में पुरातत्व और इतिहास से जुड़े विशेषज्ञों की रुचि भी बढ़ने की संभावना है।

यह मामला क्षेत्रीय धरोहर और ग्रामीण इतिहास की नई परतों को उजागर करने वाला माना जा रहा है, जिससे जवाथुमलाई क्षेत्र के सांस्कृतिक महत्व को और अधिक पहचान मिल सकती है।

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