तमिलनाडू

Anbumani ने 125 दिन रोजगार योजना पर उठाए सवाल

Kavita2
29 Jun 2026 9:18 AM IST
Anbumani ने 125 दिन रोजगार योजना पर उठाए सवाल
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Tamil Nadu तमिलनाडु: पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित 125 दिन की रोजगार गारंटी योजना को लेकर तमिलनाडु सरकार से जल्द अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि योजना लागू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक यह नहीं बताया है कि वह इस योजना को अपनाएगी या नहीं। ऐसे में सरकार को जल्द निर्णय लेकर जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

रविवार को जारी अपने बयान में अंबुमणि रामदास ने कहा कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में बदलाव करते हुए रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करने का निर्णय लिया है। केंद्र के अनुसार यह नई व्यवस्था 1 जुलाई से लागू की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि योजना लागू होने की तारीख नजदीक होने के बावजूद तमिलनाडु सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि वे 125 दिन की रोजगार गारंटी योजना को लागू करेंगे। इससे तमिलनाडु के लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि राज्य सरकार इस योजना को स्वीकार करेगी या नहीं।

अंबुमणि रामदास ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकारों की वित्तीय हिस्सेदारी बढ़ाकर 40 प्रतिशत किए जाने की बात सामने आई है। यदि ऐसा होता है तो तमिलनाडु सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले उसके वित्तीय प्रभाव और प्रशासनिक व्यवस्था का गंभीरता से अध्ययन किया जाना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर कुछ आपत्तियां भी उठाई हैं। विपक्ष का आरोप है कि नई व्यवस्था के जरिए राज्य सरकारों के अधिकारों में हस्तक्षेप किया जा रहा है और योजनाओं के संचालन में राज्यों की भूमिका सीमित हो सकती है। इन आरोपों के बीच राज्य सरकार की स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आना आवश्यक है, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

पीएमके नेता ने कहा कि सरकार को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि किसानों, ग्रामीण मजदूरों और स्थानीय निकायों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि 125 दिन की रोजगार गारंटी योजना के संभावित लाभ और चुनौतियों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए। इसके बाद सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अंतिम फैसला लिया जाए।

अंबुमणि रामदास ने कहा कि यदि योजना ग्रामीण गरीबों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराती है और इससे लोगों की आय बढ़ती है, तो यह सकारात्मक कदम हो सकता है। वहीं यदि राज्य पर अत्यधिक वित्तीय बोझ पड़ता है या योजना के संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां आती हैं, तो उन पहलुओं पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। इसलिए बिना देरी किए सरकार को अपना पक्ष सार्वजनिक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि योजना के संबंध में स्पष्ट घोषणा नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों और स्थानीय प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि राज्य सरकार इस योजना को लागू करने का निर्णय लेती है, तो इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां भी समय रहते पूरी की जानी चाहिए।

अंबुमणि रामदास ने अंत में तमिलनाडु सरकार से अपील की कि वह 125 दिन की रोजगार गारंटी योजना के सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर जल्द से जल्द अपनी आधिकारिक स्थिति घोषित करे। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण जनता, स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों के बीच स्पष्टता आएगी तथा योजना के क्रियान्वयन को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं रहेगी।

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