
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर दल-बदल और बयानबाज़ी का मामला सामने आया है। राज्य के पूर्व विधानसभा स्पीकर और वरिष्ठ नेता धनपाल ने कहा है कि उन्होंने AIADMK को काफी समय पहले ही छोड़ दिया था, क्योंकि पार्टी में उन्हें उचित महत्व नहीं दिया गया।
धनपाल ने यह बयान गुरुवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से उन्हें और कई अन्य नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके चलते असंतोष बढ़ता गया।
इस बीच उनके बेटे लोकेश तमिलसेल्वन हाल ही में AIADMK छोड़कर थावेका पार्टी में शामिल हो गए थे। पार्टी में शामिल होने के बाद लोकेश तमिलसेल्वन को रासीपुरम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया था और चुनाव जीतने के बाद उन्हें मंत्री पद भी दिया गया है।
धनपाल ने अपने बयान में कहा कि AIADMK में उन्हें लगातार उपेक्षा का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया, जिसका असर पार्टी की जमीनी पकड़ पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी स्थिति के कारण लोग धीरे-धीरे पार्टी से दूरी बनाने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि उनका बेटा अब थावेका पार्टी में शामिल होकर मंत्री बन चुका है, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से खुशी है। धनपाल ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, लेकिन वर्तमान में वह स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूरी बना रहे हैं।
पूर्व स्पीकर ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने AIADMK को “निराशा और फ्रस्ट्रेशन” की स्थिति में छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक समय मजबूत मानी जाने वाली पार्टी आज आंतरिक रूप से कमजोर होती दिखाई दे रही है।
धनपाल के इस बयान ने तमिलनाडु की राजनीतिक हलचल को फिर से तेज कर दिया है। एक ओर जहां उनके बेटे का मंत्री बनना नई राजनीतिक पीढ़ी के उभार के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर AIADMK से उनके अलग होने को पार्टी के भीतर चल रही असंतोष की तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने अंत में कहा कि वह अभी स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय भूमिका से ब्रेक ले रहे हैं, लेकिन भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार अपनी भूमिका तय करेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां पुराने और नए राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं।





