तमिलनाडू

जातिगत भेदभाव का आरोप 11वीं के छात्र की आत्महत्या से हड़कंप

Ratna Netam
23 Oct 2026 6:44 PM IST
जातिगत भेदभाव का आरोप 11वीं के छात्र की आत्महत्या से हड़कंप
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कोयंबटूर : 23 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु के कोयंबटूर में 16 वर्षीय छात्र की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कथित जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर 11वीं कक्षा के छात्र अकिलन द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद शुक्रवार को परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक की तत्काल गिरफ्तारी के साथ स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की है।मृतक छात्र अकिलन कोयंबटूर के पीलामेडु इलाके का रहने वाला था। वह अविनाशी रोड स्थित सरकारी सहायता प्राप्त केके नायडू हायर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में उसके साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता था। लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने बुधवार को आत्महत्या कर ली।
शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
परिजनों के अनुसार, स्कूल में कुछ छात्र अकिलन से दूरी बनाकर रखते थे। आरोप है कि एक शिक्षक ने उससे गोमांस खाने को लेकर सवाल पूछे और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। परिवार का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से छात्र काफी परेशान रहने लगा था।परिजनों ने दावा किया कि स्कूल में हो रहे कथित भेदभाव की शिकायत प्रधानाध्यापक से भी की गई थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते शिकायत को गंभीरता से लिया जाता, तो संभवतः इस दुखद घटना को रोका जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच जारी है और अभी किसी की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
कलेक्ट्रेट के बाहर 100 से अधिक लोगों का प्रदर्शन
शुक्रवार को छात्र की मौत के विरोध में कोयंबटूर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। प्रदर्शन में अकिलन के माता-पिता, रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों के साथ विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।प्रदर्शनकारियों में डीएमके, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और मई 17 मूवमेंट से जुड़े लोग भी शामिल थे। प्रदर्शन में 100 से अधिक लोगों की भागीदारी बताई गई।प्रदर्शनकारियों ने छात्र को न्याय दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रशासन ने छात्र की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
शिक्षक और प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा उन्होंने स्कूल की मान्यता रद्द करने की भी मांग उठाई।प्रदर्शन के दौरान लोग जिला कलेक्ट्रेट के दूसरे गेट से मुख्य प्रवेश द्वार की ओर पहुंचे। वे जिला कलेक्टर पवन कुमार गिरियापनवर को सीधे ज्ञापन सौंपना चाहते थे।इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारी छात्र की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
स्कूल प्रबंधन ने दो अधिकारियों को किया निलंबित
मामले के बढ़ते विरोध के बीच स्कूल प्रबंधन ने क्लास टीचर विजयकुमार और प्रधानाध्यापक अरुणकुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं, 23 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने शिक्षक विजयकुमार को गिरफ्तार किया है और मामले में दो छात्रों को भी किशोर न्याय व्यवस्था के तहत निगरानी गृह भेजा गया है।पीलामेडु पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने, चोट पहुंचाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि छात्र को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने क्या कदम उठाए।तमिलनाडु राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए कोयंबटूर पुलिस आयुक्त से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।अकिलन की मौत ने शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव, विद्यार्थियों की मानसिक सुरक्षा और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने की आवश्यकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
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