तमिलनाडू

बिना कानूनी दस्तावेज जमीन ट्रांसफर करने का आरोप

Ratna Netam
14 Oct 2026 5:15 PM IST
बिना कानूनी दस्तावेज जमीन ट्रांसफर करने का आरोप
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तेनकासी। तमिलनाडु के तेनकासी जिले में जमीन हड़पने के कथित मामले में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के विधायक टी.एम. राजेंद्रन समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई एक दिव्यांग व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसने आरोप लगाया है कि उसकी करीब 9.7 एकड़ पुश्तैनी जमीन फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से दूसरे लोगों के नाम स्थानांतरित कर दी गई। शिकायत में विधायक के अलावा उनके भाई और राजस्व तथा पंजीयन विभाग से जुड़े अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।तेनकासी जिला अपराध शाखा ने 9 अक्टूबर को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, कथित अनियमितताएं वर्ष 2008 से 2019 के बीच हुई थीं। सभी छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
दिव्यांग व्यक्ति ने विधायक पर लगाया गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता एन. मुरुगैया कोयंबटूर जिले के अक्कामलाई इलाके के निवासी हैं। उन्होंने तेनकासी जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर अपनी पुश्तैनी जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण की जांच कराने की मांग की थी।मुरुगैया के अनुसार, शंकरनकोविल के पास तिरुमलापुरम गांव में उनके परिवार की लगभग 9.7 एकड़ जमीन है। यह संपत्ति उनके पिता नागैया और उनके चाचा बालू के संयुक्त नाम पर दर्ज थी।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनके पिता की मृत्यु के बाद कानूनी उत्तराधिकारियों की सहमति और आवश्यक दस्तावेजों के बिना जमीन को दूसरे लोगों के नाम पंजीकृत कर दिया गया।
बिना उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जमीन ट्रांसफर करने का आरोप
मुरुगैया ने अपनी शिकायत में दावा किया कि जमीन के हस्तांतरण के दौरान कानूनी उत्तराधिकार प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का इस्तेमाल नहीं किया गया।उनका आरोप है कि जमीन की रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सरकारी अधिकारियों की मदद से जमीन का नामांतरण कराया गया।शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके परिवार की संपत्ति से संबंधित लेन-देन उनकी जानकारी और कानूनी उत्तराधिकारियों की सहमति के बिना किए गए। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
विधायक समेत छह लोगों के खिलाफ FIR
पुलिस की प्राथमिकी में कडायानल्लूर विधानसभा क्षेत्र से डीएमके विधायक टी.एम. राजेंद्रन और उनके भाई चेल्लादुरई का नाम शामिल है।इसके अलावा तत्कालीन उप-पंजीयक, ग्राम प्रशासनिक अधिकारी अरुलमारी, क्षेत्रीय उप तहसीलदार मोहिदीन पट्टानी और भूमि सर्वेक्षण अधिकारी उषा को भी आरोपी बनाया गया है।पुलिस ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। शिकायत में सरकारी दस्तावेजों और जमीन के पंजीयन की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। मामले में संबंधित दस्तावेजों और शिकायतकर्ता के दावों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जमीन को प्लॉट में बदलकर बेचने का भी आरोप
मुरुगैया ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया कि कथित रूप से हस्तांतरित की गई जमीन को बाद में आवासीय भूखंडों में बदलकर अन्य लोगों को बेच दिया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के कुछ हिस्सों पर कब्जा भी किया गया और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों में गलत जानकारी दर्ज कराई गई।शिकायतकर्ता ने यह दावा भी किया कि जमीन के कुछ हिस्सों को विधायक ने 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए संपत्ति विवरण में शामिल किया था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण
इस मामले में जमीन के मूल स्वामित्व, उत्तराधिकार से संबंधित दस्तावेजों, बिक्री के पंजीयन और राजस्व रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।शिकायतकर्ता ने लंबे समय से अपनी संपत्ति को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का दावा किया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित है।फिलहाल विधायक टी.एम. राजेंद्रन समेत छह लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया है। आरोपों पर विधायक की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जमीन के हस्तांतरण में किसी प्रकार की धोखाधड़ी हुई थी या नहीं।
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