
नई दिल्ली: डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने हाल ही में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है। इनमें दो कस्टम हवलदार और एक कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाला X-रे टेक्नीशियन शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने चेन्नई एयरपोर्ट के ज़रिए सोने की तस्करी में मदद की और इसके लिए बॉडी-स्कैनिंग रिपोर्ट में हेर-फेर की। इन सभी पांचों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बाकी दो आरोपी श्रीलंकाई नागरिक हैं, जिनसे एजेंसी ने लगभग 2.5 किलोग्राम 24-कैरेट सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, यह रैकेट तब सामने आया जब DRI को जानकारी मिली कि कस्टम कर्मचारी कथित तौर पर तस्करी करने वाले नेटवर्क के साथ मिले हुए हैं। अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर नज़र रखी और दो यात्रियों को पकड़ा जो श्रीलंका से आए थे और अपने मलाशय (rectum) में पेस्ट के रूप में सोना छिपाकर लाए थे।
आरोप है कि एक हवलदार को यात्रियों की मदद करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद जांच में दूसरे हवलदार और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले X-रे टेक्नीशियन का भी पता चला। जांचकर्ताओं को शक है कि हवलदार सोना ले जा रहे यात्रियों के बारे में एक-दूसरे को अलर्ट करते थे। जब किसी संदिग्ध को स्क्रीनिंग के लिए लाया जाता था, तो कथित तौर पर एक नकली X-रे रिपोर्ट तैयार की जाती थी जिसमें दिखाया जाता था कि शरीर के अंदर कोई प्रतिबंधित सामान नहीं छिपाया गया है, जिससे यात्री आसानी से निकल जाता था।





